छत्तीसगढ़ के जनपद पंचायत गौरेला क्षेत्र में आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत तरईगांव के सचिव किशन राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सर्व आदिवासी समाज के उपाध्यक्ष अमर सिंह भानु ने रिटर्निंग ऑफिसर से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिव सेमरा पंचायत में सक्रिय रूप से राजनीति कर रहे हैं। जांच में पाया गया कि किशन राठौर नव निर्वाचित सरपंच की विजय रैली में शामिल हुए और नारे लगाए। छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम, 1998 के नियम 4 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में सचिव का मुख्यालय जनपद पंचायत पेंड्रा निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा। सचिव किशन राठौर ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी दल के नेता का प्रचार नहीं किया। राठौर का आरोप है कि पंचायत चुनाव में हार के बाद पूर्व सरपंच के पति ने उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा है।


