देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चंडीगढ़ पुलिस ने बीच में ही रोक लिया इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ताओं को हल्की चोटें भी आईं। दिल्ली में भारत मंडपम में एआई समिट में विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में इंडियन यूथ कांग्रेस के नेताओं की गिरफ्तारी का मामला गरमा गया है। कांग्रेस कार्यकर्ता सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। इस दौरान सेक्टर-36 थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर जेपी सिंह की पगड़ी भी गिर गई। कांग्रेस अध्यक्ष ने लगाए आरोप चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एच.एस. लकी ने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश में देश के हितों से समझौता कर रहे हैं, जिसके विरोध में वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोककर कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार की और आगे नहीं जाने दिया। लकी ने यह भी कहा कि शुक्रवार को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता उनके सेक्टर-35 स्थित कार्यालय के बाहर पुतला फूंकने पहुंचे थे, तब पुलिस ने उन्हें नहीं रोका। लेकिन जब कांग्रेस शांतिपूर्ण ढंग से मार्च कर रही थी, तो उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और भाजपा आपस में मिली हुई हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता भागते नजर आए जब पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक रही थी, उस दौरान कई कार्यकर्ता इधर-उधर भागते हुए नजर आए। पुलिसकर्मी भी उनके पीछे दौड़ते दिखाई दिए। पुलिस को आशंका थी कि कहीं कुछ कार्यकर्ता दूसरी तरफ से घूमकर भाजपा कार्यालय तक न पहुंच जाएं। इसी वजह से पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी।


