डीग में शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में श्री मद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शनिवार को कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। यह आयोजन 28 फरवरी तक चलेगा।
कलश यात्रा शहर के मुख्य बाजार, लोहा मंडी, नई सड़क, पोस्ट ऑफिस, राजकीय चिकित्सालय, गणेश मंदिर और हिंदी पुस्तकालय से होते हुए अपने गंतव्य स्थान पर पहुंची। इस दौरान लाल परिधान में महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर बैंड बाजों की धुन पर नृत्य करती हुई चल रही थीं। शहरवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर और जलपान कराकर यात्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर भागवताचार्य एवं लक्ष्मण मंदिर के महंत पंडित मुरारी लाल पाराशर ने भागवत कथा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भक्ति केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सजग यात्रा है। यह कोई नाम या दिखावा नहीं, बल्कि अपने भीतर की सजग यात्रा है। सच्ची भक्ति तब है जब हम आत्ममंथन द्वारा दूसरों से पहले स्वयं को जांचें और अपनी कमियों में सुधार लाएं। पाराशर ने आगे बताया कि भागवत कथा सांसारिक उलझनों में न रहकर ईश्वर की भक्ति और प्रेम में जीवन जीना सिखाती है। यह मनुष्य को भगवान के चरण कमलों तक पहुंचाती है।
इस कार्यक्रम में बाबा शिवराम दास जी महाराज, आचार्य गणेश दत्त पाराशर, गोपाल दास, शिवचरन शर्मा, हरेष बंसल, पूर्व पार्षद मोहन स्वरुप पाराशर, कृष्ण बल्लभ शर्मा, हरिओम पाराशर, पिन्टा पंडित, जुगला खण्डेलवाल, रमेश अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे।


