राज्यपाल ने कश्ती में सवार हो बुड्ढे नाले लिया जायजा:घाट को देख राज्यपाल बोले- पहले से हालात बेहतर, लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है।

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया शनिवार को लुधियाना के ताजपुर रोड पहुंचे। यहाँ उन्होंने राज्यसभा सदस्य और प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी संत बलवीर सिंह सीचेवाल के साथ मिलकर बुड्ढे नाले की सफाई मुहिम का जायजा लिया। राज्यपाल ने खुद कश्ती (नाव) में सवार होकर उस हिस्से का निरीक्षण किया जिसे संत सीचेवाल की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद एक घाट के रूप में विकसित किया है। निरीक्षण के दौरान क्या बोले राज्यपाल राज्यपाल ने बताया कि पानी को प्राकृतिक तरीके से साफ करने के लिए यहाँ जल-जीवों को भी छोड़ा जा रहा है। कटारिया ने कहा कि हालांकि हालात पहले से सुधरे हैं लेकिन संतोषजनक नहीं हैं। इसके लिए वे जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय मीटिंग करेंगे। राज्यपाल ने संत सीचेवाल द्वारा तैयार किए गए घाट और उनके प्रयासों की सराहना की। ‘दरिया’ से ‘गंदा नाला’ बनने का का प्रयास लुधियाना का यह बुद्धा नाला कभी बुड्ढे दरिया के नाम से जाना जाता था और इसका पानी पीने योग्य था। दशकों पहले यह सतलुज नदी की एक सहायक धारा थी।शहर के विस्तार और उद्योगों (खासकर डाइंग यूनिट्स) के जहरीले कचरे ने इसे देश के सबसे प्रदूषित जल स्रोतों में से एक बना दिया। इस नाले का प्रदूषित पानी आगे जाकर सतलुज में मिलता है जिससे मालवा क्षेत्र में कैंसर जैसी बीमारियां फैलने का बड़ा कारण माना जाता रहा है। ताजपुर रोड पर बदली तस्वीर ताजपुर रोड का इलाका कभी गंदगी के ढेरों और बदबू के लिए जाना जाता था। गुलाब चंद कटारिया ने कहा संत सीचेवाल की टीम ने यहाँ दिन-रात मेहनत करके न केवल गाद निकाली बल्कि किनारों को पक्का कर इसे एक पिकनिक स्पॉट जैसा रूप देने की कोशिश की है। राज्यपाल ने इसी बदलाव को अपनी आँखों से देखने के लिए आज कश्ती का सहारा लिया। यहाँ जो काम संत सीचेवाल की टीम ने किया है वह मिसाल है। लेकिन पूरे नाले को साफ करने के लिए प्रशासन और जनता को एकजुट होना होगा। मैं खुद इसकी निगरानी करूँगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *