बिलासपुर में 3 दिन में दो लूट, डीजीपी सख्त:अरुण देव गौतम ने ली हाईलेवल मीटिंग, गश्त और चेकिंग बढ़ाने के निर्देश

बिलासपुर में सराफा व्यापारियों से लगातार हो रही लूट की घटनाओं पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बिलासपुर में पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली, जिसमें सीपत और राजकिशोर नगर लूटकांड की विस्तृत जानकारी ली गई। डीजीपी ने भविष्य में ऐसी वारदातों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गश्त और चेकिंग बढ़ाने पर जोर दिया। डीजीपी ने सराफा दुकानों, बैंकों और होटल-लॉज की सख्त निगरानी के आदेश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने नाकाबंदी को मजबूत करने और एफआईआर की निगरानी के भी निर्देश दिए। इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग सहित सभी राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान, डीजीपी अरुण देव गौतम ने सिरगिट्टी और मोपका अग्निकांड के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने आईजी को रेंज स्तर पर इन मामलों की सख्त निगरानी करने के निर्देश दिए। डीजीपी ने अपराधियों को पूरे माल के साथ 24 घंटे के भीतर पकड़ने और अंतर्राज्यीय समन्वय के लिए पुलिस की सराहना भी की। पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली, गश्त-पेट्रोलिंग, संदिग्धों की चेकिंग, होटल-लॉज की जांच और सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया। डीजीपी ने सराफा और बैंक जैसी संवेदनशील जगहों की नियमित चेकिंग करने तथा सीसीटीवी व अन्य सुरक्षा उपायों की लगातार जांच करने के निर्देश भी दिए। डीजीपी ने पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग को रेंज के सभी जिलों में पुलिस की कार्यप्रणाली की पर्याप्त निगरानी करने और बैठक में दिए गए निर्देशों को रेंज स्तर पर सही तरीके से लागू करने के लिए सतत पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया। थाने आने वाले फरियादियों की पूरी बात सुनें पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को कहा कि वे थाने का निरीक्षण करें। उन्होंने अधिकारियों को फरियादियों की बातें ध्यान से सुनने का भी निर्देश दिया। इसके लिए थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी थानों को संवेदनशील और फरियादियों के लिए मददगार बनाएं। नाकाबंदी की व्यवस्था सुधारें डीजीपी ने बैठक में सभी अधिकारियों को कहा कि नाकाबंदी की व्यवस्था को सुधारें और थाने में थाना प्रभारी खुद रिपोर्ट सुनें और एफआईआर लिखवाने की निगरानी करें। साथ ही, उन्होंने कहा कि संदिग्ध मर्ग मामलों की जांच बहुत सावधानी और गंभीरता से की जाए। बैठक में अभियोजन संचालक माखनलाल पांडेय को कहा गया कि वे जांच की गुणवत्ता सुधारें और आईसीजेएस सिस्टम के तहत ई-चालान और ई-साक्ष्य की प्रक्रिया को न्यायालय और थानों के साथ मिलकर जल्दी लागू करने की व्यवस्था करें। बैठक में होमगार्ड डीआईजी लक्ष्मी चंद्र वर्मा और अग्निशमन अधिकारी भी अपनी टीम के साथ मौजूद थे। बिलासपुर रेंज में डीजीपी की अधिकारियों के साथ बैठक डीजीपी की बैठक बिलासपुर रेंज के सभागार में हुई। इसमें पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रामगोपाल गर्ग, नगर सेना के उप पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी चंद्र वर्मा, संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पांडेय, संभागीय सेनानी नगर सेना नरसिंह नेताम, एडिशनल एसपी (ग्रामीण) मधुलिका सिंह, एडिशनल एसपी (शहर) पंकज पटेल, एएसपी (विशेष शाखा) दीपमाला कश्यप, जिला सेनानी एवं अग्निशमन दीपांकर नाथ, उप पुलिस अधीक्षक फिंगरप्रिंट विद्या जौहर सहित जिले के सभी पुलिस और अग्निशमन विभाग के राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।

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