स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत नाम जोड़ने, हटाने के लिए बुलाए गए दावे-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को मध्य प्रदेश में मतदाताओं की स्थिति साफ हो गई। 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। 1 जनवरी 2026 की तिथि के आधार पर जारी इस सूची में कुल 5,39,81,065 मतदाता हैं। अब चुनाव आयोग की एसआईआर की कार्रवाई भी कम्प्लीट हो गई। अब ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से नाम जोड़ने और हटवाने की प्रक्रिया चलती रहेगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश संजीव झा के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 से प्रदेशभर में यह अभियान चरणबद्ध तरीके से चलाया गया। लगभग चार माह तक चले इस विशेष पुनरीक्षण के दौरान नाम जोड़ने, विलोपन और संशोधन से संबंधित दावे-आपत्तियां 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक प्राप्त की गईं। इसके बाद 14 फरवरी 2026 तक सभी दावों और आपत्तियों का सत्यापन कर उनका निराकरण किया गया। प्रारंभिक मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व राज्य में कुल 5,74,06,143 मतदाता पंजीकृत थे। प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद यह संख्या घटकर 5,31,31,983 रह गई थी। अंतिम सूची में कुल 5,39,81,065 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। इस प्रकार प्रारूप सूची के बाद 8,49,082 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि (नेट एडिशन) दर्ज की गई। कुल मिलाकर 34,25,078 मतदाताओं की संख्या 27 नवंबर से अब तक की कार्रवाई में घटी है। मंत्रियों के क्षेत्रों में सबसे ज्यादा कटे और जोड़े गए नाम एसआईआर की कार्रवाई पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत उनके मंत्रियों के क्षेत्र से 8 लाख 20 हजार 255 नाम काटे गए थे। इसके बाद नए नाम जोड़ने को लेकर तय समय-सीमा में सिर्फ 1 लाख 69 हजार 753 आवेदन जमा किए गए। सबसे अधिक नाम मंत्री कृष्णा गौर और विश्वास सारंग के विधानसभा क्षेत्र से कटे थे उसी तरह नए नाम जोड़ने के लिए सबसे अधिक आवेदन जमा हुए थे। पूरे प्रदेश की बात करें तो 42 लाख 74 हजार से अधिक नाम काटने की कार्यवाही एसआईआर में की गई और इसके विपरीत नए नाम जोड़ने के लिए सिर्फ 9 लाख 89 हजार 991 लोगों ने आवेदन जमा किए गए थे। नए नाम जोड़ने के लिए जिन विधानसभा क्षेत्रों में दस हजार से अधिक आवेदन जमा किए गए थे, उसमें मंत्री कृष्णा गौर की गोविंदपुरा विधानसभा सीट सबसे आगे है। यहां 17888 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए। इसके बाद मंत्री विश्वास सारंग की सीट नरेला में 15115 नए नाम जोड़ने के आवेदन आए थे। भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट जिसके विधायक रामेश्वर शर्मा हैं, वहां से 13024 नए नाम जोड़ने के आवेदन आए। इंदौर जिले में इंदौर 2 विधानसभा सीट से 10446 और इंदौर 5 विधानसभा क्षेत्र से 11040 नाम जोड़ने के लिए आवेदन जमा कराए गए। राऊ सीट के लिए 12700, नागदा खाचरौद सीट के लिए 11047 आवेदन जमा कराए गए। सबसे कम आवेदन वाले विधानसभा में राजनगर और बीना का नाम छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए सबसे कम 1138 आवेदन आए थे। राजनगर कांग्रेस के पूर्व एमएलए विक्रम सिंह नातीराजा का क्षेत्र है। इसके साथ ही बीजेपी में शामिल होने को लेकर विवादों में चल रही कांग्रेस की एमएलए निर्मला सप्रे भी उन विधायकों में शामिल हैं जिनके यहां नए नाम जोड़ने के लिए कम आवेदन जमा हुए थे। बीना विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर के बाद नाम जोड़ने के लिए 1288 आवेदन जमा हुए। इन विधानसभा सीट में भी दो हजार से कम आवेदन आए चुनाव आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक टिमरनी विधानसभा सीट से 1463 आवेदन मिले थे। भगवानपुरा सीट से 1556 और रतलाम ग्रामीण के लिए 1629 आवेदन जमा कराए गए तो जावद सीट के लिए 1649 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए। छतरपुर जिले की मलहरा विधानसभा सीट से 1742 आवेदन आए। पूर्व मंत्री बिसाहू लाल सिंह की सीट अनूपपुर से 1750 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए मिले थे। वहीं शमशाबाद विधानसभा सीट के लिए 1781 आवेदन जमा किए गए। भीकनगांव के लिए 1794, बदनावर सीट से 1799, बड़वाह सीट के लिए 1838 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र से 1934 आवेदन जमा हुए थे। मंत्री कृष्णा और सारंग के क्षेत्र में सबसे अधिक नाम कटे एसआईआर में सबसे अधिक नाम गोविन्दपुरा से विधायक और मोहन सरकार में मंत्री कृष्णा गौर के क्षेत्र से काटे गए थे। भोपाल जिले की इस विधानसभा सीट से 97052 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। दूसरे स्थान पर इंदौर-5 से बीजेपी विधायक महेंद्र हार्डिया का विधानसभा क्षेत्र है। मोहन सरकार के मंत्री विश्वास सारंग और कैलाश विजयवर्गीय के क्षेत्र से 81235 और 75014 वोटर्स के नाम काटे गए। एसआईआर में सबसे कम 6034 नाम नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र से कटे। एसआईआर ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद जो रिपोर्ट सामने आई थी उसके अनुसार मोहन सरकार के पांच मंत्रियों के क्षेत्र में 50 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। इसमें भोपाल के दो विधानसभा क्षेत्र गोविन्दपुरा और नरेला, इंदौर के इंदौर-1, ग्वालियर जिले की ग्वालियर विधानसभा, ग्वालियर दक्षिण विधानसभा, इंदौर जिले की इंदौर -1 विधानसभा शामिल है। मुख्यमंत्री के यहां 37728, विस अध्यक्ष के यहां 13920 नाम कटे थे एसआईआर के ड्राफ्ट प्रकाशन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विधानसभा सीट उज्जैन दक्षिण से 37728 वोटर्स के नाम काटे गए हैं। मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा सीट से विधायक और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के क्षेत्र के 13920 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटे हैं। कांग्रेस के विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के विधानसभा क्षेत्र गंधवानी से 14712 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। अटेर विधानसभा कांग्रेस के हेमंत कटारे का निर्वाचन क्षेत्र है जहां से 17505 मतदाताओं के नाम कटे हैं। पूर्व मंत्रियों के क्षेत्र में एनालिसिस करने के बाद यह सामने आया कि महेंद्र हार्डिया के यहां सबसे अधिक 87591 नाम कटे हैं। जबलपुर पूर्व से विधायक और पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के क्षेत्र में 49215 वोटर्स के नाम एसआईआर में काटे गए। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र से 21981 मतदाताओं के नाम काटे जाने की कार्यवाही एसआईआर में हुई है। 71,930 बीएलओ सहित हजारों अधिकारियों की रही भागीदारी अभियान के दौरान 55 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 230 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 533 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों और 71,930 बीएलओ सहित बड़ी संख्या में अधिकारियों-कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने भागीदारी की। घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से दिवंगत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की गई। नए मतदाता ऑनलाइन और ऑफलाइन नाम जुड़वा सकते हैं मध्यप्रदेश में 18 साल पूरे करने वाले नए युवा मतदाता फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। नाम संशोधन के लिए फॉम4-8 और आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 का उपयोग किया जा सकता है। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जा रहे हैं। मतदाता सूची में नाम की जांच मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट https://ceoelection.mp.gov.in�, वोटर पोर्टल voters.eci.gov.in, ECINET ऐप, संबंधित बीएलओ और जिला निर्वाचन अधिकारी, ईआरओ, एईआरओ कार्यालय में की जा सकती है।


