मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार दोपहर करीब 2.15 बजे दतिया जिले के सेवढ़ा पहुंचे। हेलीपेड पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे सिंध नदी पहुंचे, जहां उन्होंने 47 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित पुल का लोकार्पण कर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी। पुल के लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री द्वारकाधीश मंदिर पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे कृषि उपज मंडी परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जहां आमसभा को संबोधित किया।
532 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का ऐलान
मुख्यमंत्री ने जिले के लिए कुल 532 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 47 करोड़ रुपए की लागत से बने सिंध नदी पुल का लोकार्पण, 30 करोड़ रुपए की जल आवर्धन योजना का शुभारंभ, तथा 233 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित 21 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस में बसई का सांदीपनी स्कूल और बड़ौनी के गोविंदपुर के पास स्थित पुलिस ड्राइवर लर्निंग सेंटर भी शामिल है। हेलीपेड से कार्यक्रम स्थल तक विभिन्न स्थानों पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। आमसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नई सड़क की घोषणा, जाम से राहत मिलेगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में सरकार की विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए दतिया-इंदरगढ़-सेवढ़ा सड़क निर्माण की बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस सड़क पर करीब पौने 500 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस मार्ग पर इंदरगढ़ बाईपास का निर्माण किया जाएगा, जिससे कस्बे के बाजार क्षेत्र में लगने वाले जाम से आमजन को राहत मिलेगी और यातायात सुगम होगा।
करणी सेना जिलाध्यक्ष हिरासत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम के दौरान सेवड़ा विधानसभा क्षेत्र में UGC नियम लागू करने को लेकर विरोध देखने को मिला। करणी सेना के जिला अध्यक्ष शिरोमणि सिंह सोलंकी ने यूजीसी छात्र शिकायत निवारण विनियम 2023 को “काला कानून” बताते हुए प्रदर्शन किया। पहले से सूचना के चलते पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। एसडीओपी अजय चानना के नेतृत्व में पुलिस ने शिरोमणि सिंह को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। सोलंकी ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 जनवरी 2026 को रोक लगाए जाने के बावजूद नियम लागू करना अन्याय है। हिरासत का वीडियो भी सामने आया है।


