कोटा में अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से पिछले साल मुकंदरा में शिफ्ट की गई बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से छुटकारा मिल गया है। अब वो थोड़े बड़े जंगल में घूम सकती है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा बाघिन को बाड़े से रिलीज करने की परमिशन के बाद आज बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से 21 हेक्टेयर के जंगल में रिलीज किया गया। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया- मुकंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व में बाधिन (MT-7) को आज शाम साढ़े 5 बजे ट्रेंकुलाइज किया गया। उसके बाद बाघिन को रेडियो कॉलर लगाया गया।
स्वास्थ्य संबंधी जांच के बाद उसे 21 हेक्टेयर के बाड़े में छोड़ा गया। जहां उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। भविष्य में बाघिन को खुले जंगल में छोड़ने का निर्णय, उसके व्यवहार-बर्ताव व एक्सपर्ट की राय के आधार पर मुख्य वनजीव प्रतिपालक द्वारा लिया जाएगा।
रणथंभौर में बाघिन टी 114 की मौत के बाद, उसके 2 शावकों (एक नर और एक मादा) को 1 फरवरी 2023 को कोटा के अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में लाया गया था। उस समय शावकों की उम्र ढाई महीने थी। पार्क में वनकर्मियों ने उनका पालन-पोषण किया और रिवाइल्डिंग की लंबी प्रक्रिया चली। इसके बाद, नर शावक को 4 दिसंबर 2024 को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में छोड़ा गया। मादा शावक, जिसे बाघिन MT-7 के नाम से जाना जाता है, को इसके सात दिन बाद मुकंदरा में स्थानांतरित किया गया था। पिछले 14 महीनों से, यह बाघिन 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रह रही थी, जहाँ उसने कई शिकार किए। अब, इसे 21 हेक्टेयर के बड़े बाड़े में छोड़ा गया है।
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