RGHS में गड़बड़ी के मामले में सस्पेंड हुए एसके अस्पताल के तत्कालीन सुप्रीटेंडेंट डॉ. कमल कुमार अग्रवाल सहित सीकर के 7 डॉक्टर्स का मामला अब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के पास चला गया है। ऑडिट के दौरान सामने आई गड़बड़ी के आधार पर सातों डॉक्टर्स को सस्पेंड किया गया था। राजस्थान पुलिस ली जांच एजेंसी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप(SOG) ने सीकर के 2 मामलों को गंभीर मानते हुए SOG को ट्रांसफर किया गया है। सीकर में गड़बड़ी के दोषी पाए गए डॉक्टर्स में मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. केके अग्रवाल व सुनील कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुकेश वर्मा, खीरवा CHC के डॉ. राकेश कुमार, SK अस्पताल के डॉ. गजराज सिंह, डॉ. एसएस राठौड़ और डॉ. सुनील शर्मा शामिल हैं। प्रिंसिपल हैल्थ सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में अनियमितता, करप्शन और रेवेन्यू लाॅस के नुकसान को देखते हुए एक कमेटी बनी थी। इस कमेटी ने ही RGHS में गड़बड़ी को लेकर SOG में मुकदमा दर्ज करवाया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद स्थानीय डॉक्टर्स में हड़कंप मच गया है। वहीं, 7 दिन पहले डॉक्टर्स के सस्पेंशन के बाद से अन्य डॉक्टर्स भी एहतियात बरत रहे हैं। इधर, अब तक RGHS योजना में गड़बड़ी पर अस्पतालों और फार्मेसियों के खिलाफ 19 FIR करवाई जा चुकी हैं। अनुचित लाभ लेने के मामलों में 7 डॉक्टरों सहित 64 कार्मिकों को निलंबित किया जा चुका है। करीब 500 कार्ड ब्लॉक किए गए हैं। साथ ही दुरुपयोग करने वाले लाभार्थियों से लगभग 2 करोड़ रुपए वसूले गए हैं। सरकार ने 33 अस्पतालों का टीएमएस और 39 अस्पतालों का भुगतान ब्लॉक किया है। वहीं 8 अस्पतालों को डी-एम्पेनल किया गया है, जिनसे 32 करोड़ रुपए से अधिक वसूले गए हैं।


