नागौर में SIR में कटे 91752 वोटर्स के नाम:करीब 20 हजार मतदाता नए जुड़े; फिर भी 71हजार वोटर हुए कम

नागौर जिले में मतदाता सूची को अपडेट करने और पारदर्शी बनाने के लिए चलाए गए विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत जांच के बाद जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से कुल 91,752 मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं। ​प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नाम काटने के पीछे सबसे बड़ी वजह मतदाताओं का स्थायी रूप से पलायन करना रहा है। जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर ने एसआईआर की फाइनल लिस्ट को लेकर शनिवार को जानकारी शेयर की। उन्होंने बताया कि किन कारणों ने फाइनल लिस्ट में नाम काटे गए हैं। ​इन कारणों से कटे नाम विधानसभावार विवरण नागौर विधानसभा क्षेत्र में कटे सबसे ज्यादा नाम नागौर जिले में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। जिला निर्वाचन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद जिले भर में व्यापक स्तर पर नाम जोड़ने का काम हुआ, जिसके परिणामस्वरूप कुल 20,298 नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए गए हैं। इससे पहले जिले की ड्राफ्ट सूची में कुल 13,23,321 मतदाता पंजीकृत थे, जो अब बढ़कर 13,43,619 हो गए हैं। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो खींवसर विधानसभा में सबसे अधिक उत्साह देखा गया, जहां ड्राफ्ट सूची के 2,77,410 मतदाताओं में 6,373 नए नाम जोड़े गए। जिससे यहां अब कुल मतदाताओं की संख्या 2,83,783 पहुंच गई है। इसी तरह नागौर विधानसभा क्षेत्र में 4,478 नए मतदाता जुड़ने के बाद अब कुल संख्या 2,59,301 हो गई है, जबकि ड्राफ्ट के समय यहां 2,54,823 मतदाता थे। जायल विधानसभा क्षेत्र में भी मतदाताओं का आंकड़ा बढ़ा है। यहां ड्राफ्ट सूची के 2,60,699 वोटर्स में 2,461 नए नाम जोड़ने के बाद अब कुल 2,63,160 मतदाता हो गए हैं। मेड़ता विधानसभा क्षेत्र में पहले 2,73,794 मतदाता थे, जिनमें 3,635 नए नाम जोड़े जाने के बाद फाइनल लिस्ट में यह संख्या 2,77,429 तक पहुंच गई है। वहीं डेगाना विधानसभा क्षेत्र में ड्राफ्ट सूची के 2,56,595 मतदाताओं में 3,351 नए नाम शामिल किए गए हैं, जिसके बाद अब यहां कुल मतदाताओं की संख्या 2,59,946 हो गई है। निर्वाचन विभाग के इस अभियान से जिले के हजारों पात्र युवाओं और नागरिकों को मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिलेगा। फाइनल लिस्ट में कुल मतदाता जिले में अगर गत विधानसभा चुनावों की बात करें तो मेड़ता विधानसभा से लक्षमण राम कलरू ही एक मात्र ऐसे विधायक हैं जिनकी जीत और कम हुए वोटर्स की संख्या में मार्जिन है। हालांकि इसमें नए जुड़े वोटर्स की संख्या भी शामिल है जीत का अंतर और कम हुए वोटर्स की संख्या

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