भास्कर न्यूज|गुमला महिला महाविद्यालय गुमला में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. प्रसंजित मुखर्जी ने की। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा को बचाना हम सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भाषा बचेगी तभी संस्कृति बचेगी। उन्होंने बताया कि विश्व में लगभग 7000 भाषाएं हैं। जिनमें से केवल 351 भाषाएं ही व्यापक रूप से प्रचलित हैं। ऐसे में मातृ भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। मुंडारी विषय की प्राध्यापिका डॉ. इशा बेला होरो, नागपुरी के डॉ. देवेंद्र साहू, हिंदी की डॉ. नीलम कुमारी तथा अंग्रेजी के डॉ. गजनफर अली ने अपनी-अपनी मातृ भाषाओं में विचार प्रस्तुत कर भाषाई विविधता की समृद्ध परंपरा को रेखांकित किया। विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में अशुतोष अयम व कावेरी नाग ने भी मातृभाषा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और युवाओं से अपनी भाषा व संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सुरैया नाज और कृति बरुआ ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पर मंजू कुमारी व पुष्पा कुमारी रहीं। जबकि तृतीय स्थान खुशबू कुमारी को प्राप्त हुआ। सभी विजेताओं को सामाजिक और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व केंद्र की ओर से पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से मातृ भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार का संदेश दिया गया व छात्राओं को अपनी भाषाई विरासत को सहेजने के लिए प्रेरित किया गया।


