चिकना और सपाट तेंदूपत्ता तोड़ने की सलाह दी

भास्कर न्यूज | कवर्धा कबीरधाम जिले में तेंदूपत्ता तोड़ाई को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। इस साल जिले के 269 फड़ों के जरिए तेंदूपत्ता खरीदी जाएगी। 40,000 मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदी का लक्ष्य है। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का ऑनलाइन डेटा बेस तैयार किया जा रहा है। ई-केवाईसी होने के बाद सीधे संग्राहकों के खाते में भुगतान आएगा। तेंदूपत्ता सीजन 2026 को लेकर कवर्धा में इस बार तैयारी जमीन पर दिखाई दे रही है। जिला यूनियन कवर्धा ने काष्ठागार डिपो में एक दिवसीय व्यापक प्रशिक्षण आयोजित किया। इस दौरान 269 फड़ों के प्रभारियों, फड़मुंशियों और समिति अध्यक्षों को वैज्ञानिक शाख कर्तन के विशेष टिप्स दिए गए। अन्य आवश्यक जानकारी भी दिए। कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त एम मर्सीबेला, जिला यूनियन अध्यक्ष दुखीराम धुर्वे, उपाध्यक्ष भागवत साहू, प्रबंध संचालक निखिल अग्रवाल, उप प्रबंध संचालक अनिता साहू और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सीपी राहंगडाले उपस्थित रहे। 19 समितियां, 24 लॉट 269 फड़ एक साथ जिला यूनियन कवर्धा अंतर्गत 19 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियां, 24 लॉट और 269 फड़ संचालित हैं। वर्ष 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण दर 5500 रुपए प्रति मानक बोरा तय की गई है। जबकि शाख कर्तन (बूटा कटाई) कार्य की दर 70 रुपए प्रति मानक बोरा तय किए हैं। प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने बताया कि तेंदूपत्ता का चिकना और सपाट पत्ता ही उपयोग में लाया जाता है। इसलिए संग्राहक चिकना और सपाट तेंदूपत्ता की ही तोड़ाई करें। पत्ता तोड़ाई के बाद 50- 50 तेंदूपत्ता की गड्डी ठीक ढंग से बांधे। ताकि आंधी आने पर पत्ते उड़ने न पाएं। फड़ मुंशी से जांच के बाद 100-100 गड्डी के चट्टे लगाकर गिनती करवाकर अपने संग्राहक कार्ड में लाई तेंदूपत्ता गड्डी की एंट्री कराएं। इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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