भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर जिले में कोयला खनन जैसे संवेदनशील और जोखिमपूर्ण क्षेत्र में जीत केवल ट्रॉफी की नहीं होती, बल्कि तैयारी, प्रतिबद्धता और सुरक्षा संस्कृति की भी होती है। एसईसीएल के गेवरा क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय इंटर कंपनी फर्स्ट एड प्रतियोगिता 2025-26 में बैकुंठपुर क्षेत्र की रेस्क्यू टीम ने ओवरऑल चैंपियनशिप हासिल कर यह साबित किया कि सुरक्षा उनके लिए औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का मूल आधार है। खनन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने में प्राथमिक उपचार की भूमिका निर्णायक होती है। यही कारण है कि इस प्रतियोगिता को केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन की वास्तविक तैयारी के रूप में देखा गया। सैद्धांतिक परीक्षा में जहां प्रतिभागियों की तकनीकी समझ और आपात स्थितियों की पहचान क्षमता को परखा, वहीं प्रायोगिक चरण में त्वरित निर्णय, समन्वय और सटीक क्रियान्वयन की परीक्षा हुई। बैकुंठपुर की टीम-ए ने संतुलित प्रदर्शन के साथ सभी चरणों में बढ़त बनाई। कप्तान नीलेश अवधिया के नेतृत्व में मयंक पटेल, नीतेश शाह, शंभू कहार और संदीप उरांव ने दिखाया कि नियमित अभ्यास और टीम वर्क से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। निर्णायकों ने विशेष रूप से टीम की समयबद्ध प्रतिक्रिया और तकनीकी शुद्धता की सराहना की। स्ट्रेचर ड्रिल में टीम-बी का प्रदर्शन भी रहा। घायल को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में टीम ने जिस संतुलन और ताल-मेल का प्रदर्शन किया, वह खनन क्षेत्रों में वास्तविक परिस्थितियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आयोजन में महिला टीम की भागीदारी सराहनीय रही। कप्तान प्रिया खाखा के नेतृत्व में अंजली कुमारी, किरण सिंह, कविता किस्पोट्टा और पूजा ने संदेश दिया कि सुरक्षा जिम्मेदारी में जेंडर भेद का कोई स्थान नहीं है। उनका आत्मविश्वास और सक्रियता पूरे आयोजन में नई ऊर्जा लेकर आया। मुख्य अतिथि एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास की उपस्थिति ने कार्यक्रम हुआ। क्षेत्रीय महाप्रबंधक अरुण कुमार त्यागी की अध्यक्षता और मुख्य महाप्रबंधक बीएन झा की ओर से सम्मान समारोह में संस्थान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए संकल्प लिया गया।


