भास्कर न्यूज | रायगढ़ एनटीपीसी की तलाई पाली कोयला खनन परियोजना से प्रभावित आठ गांवों के ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को त्रिपक्षीय बैठक के बाद समाप्त हुआ। ग्राम तलाई पाली के धरना स्थल पर 20 फरवरी को प्रशासन, परियोजना प्रबंधन और ग्रामवासियों के बीच लंबी चर्चा के बाद कई अहम मांगों पर सहमति बनी। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम घरघोड़ा दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने की। इस दौरान तहसीलदार, थाना प्रभारी व एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने रोजगार, पुनर्वास, मुआवजा, पेयजल और तेंदूपत्ता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठक में निर्णय लिया गया कि एनटीपीसी में कार्यरत ठेका कंपनियों में प्रभावित ग्रामवासियों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए संबंधित ठेका कंपनियों के साथ अलग से बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी। शनिवार 21 फरवरी को एसडीएम की अध्यक्षता में एनटीपीसी अधिकारियों और ठेका कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ रोजगार को लेकर विस्तृत चर्चा भी की गई। पुनर्वास प्रक्रिया सरल बनाने शिविर लगाएंगे ग्रामीणों की शिकायत थी कि पुनर्वास आवेदन प्रक्रिया जटिल और धीमी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि प्रभावित गांवों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां पटवारी सहित राजस्व अमला मौजूद रहेगा। इससे आवेदन और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया तेज होगी। तेंदूपत्ता मामलों में वाहन सुविधा दिलाने पर सहमति तेंदूपत्ता से जुड़े प्रकरणों को शासन या कोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए ग्रामीणों को वाहन सुविधा उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही लंबित मुआवजा प्रकरणों की जांच में तेजी लाने और प्रभावित गांवों में अतिरिक्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का भरोसा दिया गया।


