भास्कर न्यूज | लुधियाना दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा सेक्टर 32ए बीसीएम स्कूल के सामने आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन भक्ति और ज्ञान की त्रिवेणी बही। सर्व आशुतोष महाराज की शिष्या भागवत भास्कराचार्य साध्वी वैष्णवी भारती ने भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक समाज में लुप्त होते संस्कारों पर गहरी चिंता व्यक्त की। साध्वी ने यथा नाम तथा गुण की व्याख्या करते हुए राजा परीक्षित का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी संस्कार विहीनता के दौर से गुजर रही है, जिस प्रकार दूध से घी या गन्ने से रस निकाल लेने पर वे निसार हो जाते हैं, वैसे ही संस्कारों के बिना मनुष्य तेजहीन है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि आज युवा वर्ग फिल्मी सितारों और मॉडलों को आदर्श मानकर पश्चिमी सभ्यता का अंधानुकरण कर रहा है। साध्वी वैष्णवी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालु। इससे बाहरी चमक-दमक और परिधान तो बदल सकते हैं, लेकिन चिंतन और चरित्र नहीं बदलता। समाज की उन्नति के लिए नैतिकता और भारतीय परंपराओं का पुनरुद्धार अनिवार्य है। कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान साजन अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल व अन्य परिजनों सहित दैनिक यजमानों द्वारा प्रभु पूजन से हुआ। विशेष रूप से आरएसएस के प्रांत प्रचारक नरेंद्र, लुधियाना विभाग प्रचारक कन्हैया सिंह, विकास बिश्नोई, विकास और आशीष बोनी उपस्थित रहे। स्वामी यशेश्वरानंद और स्वामी विनयानंद की टोली द्वारा प्रस्तुत सुमधुर भजनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया। कथा के विश्राम पर आयोजित पावन आरती में बलबीर सिंह कुलार, एलके मलिक, मुकेश कपूर सहित शहर की तमाम राजनीतिक व सामाजिक शख्सियतों ने उपस्थिति दर्ज कराई। हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने विश्व शांति और मानवता के कल्याण का संकल्प लिया।


