ब्यास के अधीन आती पुलिस चौकी रईया को बम से उड़ाने की साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। चौकी के पीछे से पुलिस को एक बैग बरामद हुआ, जिसमें से ढाई किलो आईईडी बरामद हुई। शनिवार तड़के बम स्क्वायड की टीम ने खाली जगह पर इसे ले जाकर डिफ्यूज कर दिया। यह बम किसने लगाया था, उसके बारे में पुलिस जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की रात एसआई गुरइकबाल सिंह को गुप्त सूचना मिली कि पुलिस चौकी के पीछे तरफ एक बैग पड़ा हुआ है, जिसमें बम है। उन्होंने उसी वक्त कार्रवाई करते हुए फटने से पहले ही बम कब्जे में लिया। डीएसपी बाबा बकाला अरुण शर्मा ने बताया कि आईईडी को लेकर पुलिस की अलग-अलग टीमें जांच कर रही है। आस-पास की सीसीटीवी खंगाली जा रही है। बम रखने वाले आरोपी के बारे में जल्द पता किया जाएगा। गुरप्रीत सिंह, रिटायर्ड एसपी भास्कर एक्सपर्ट- पंजाब में एक साल में 31 किलो आईईडी बरामद, अमृतसर में ही 16 किलो मिली आईईडी बरामदगी को देखे तो वर्ष 2025 से 11 फरवरी 2026 अब तक पंजाब पुलिस ने तकरीबन 31 किलो आईईडी बरामद की है। यह बरामदगियां अमृतसर, जालंधर, बटाला, फिरोजपुर, तरनतारन और होशियारपुर में हुई है। इसमें अमृतसर पहले नंबर है। यहां की पुलिस ने छह मामलों में 15 किलो 925 ग्राम आईईडी बरामद की है। {25 अक्टूबर 2025 को स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल एसएसओसी अमृतसर की टीम ने आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े एक ऑपरेटिव को पिस्तौल के साथ काबू किया था। पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर दो आईईडी (ढाई किलो आरडीएक्स)बरामद की। {22 अप्रैल 2025 को अमृतसर देहाती के गांव भल्लरवाल के पास विस्फोटक सामग्री, आईईडी के पुर्जे, एक रिमोट डिवाइस, दो इलेक्ट्रिक डेटोनेटर बरामद हुए। {26 नवंबर 2025 को अमृतसर देहाती पुलिस ने ढाई किलो आईडी बरामद की। {9 अक्टूबर 2025 को जालंधर पुलिस ने ढाई किलो आईईडी बरामद की। {25 अगस्त 2025 को बटाला पुलिस में ढाई किलो आईईडी बरामद किया। {7 अगस्त 2025 तरनतारन पुलिस ने बरामद 2 किलो आईईडी को डिफ्यूज किया। {11 मई 2025 को अमृतसर देहाती पुलिस ने अन्य हथियारों के साथ 925 ग्राम आईईडी बरामद की। {6 मई 2025 को एसएसओसी अमृतसर ने दो आईईडी 5 किलो बरामद किया था। {19 अप्रैल 2025 को एसएसओसी अमृतसर ने पांच किलो दो आईईडी बरामद की। {13 अप्रैल 2025 को फिरोजपुर पुलिस ने 1.6 किलो एक आईईडी बरामद की। {23 जनवरी 2026 को होशियारपुर पुलिस ने ढाई किलो आईईडी बरामद की। इप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया जाता है। आरडीएक्स बहुत ताकतवर विस्फोटक होता है। ढाई किलो मात्रा में यह इतना तेज धमाका कर सकता है कि 15 से 20 मीटर के अंदर लोगों की जान जा सकती है। 30 से 35 मीटर तक गंभीर चोटें आ सकती हैं। अगर धमाका बंद जगह जैसे कमरा, गाड़ी, भीड़भाड़ वाली जगह में हो तो मौत और नुकसान की संभावना और बढ़ जाती है। अगर बम में लोहे के टुकड़े या छर्रे भरे हों तो दूर तक घातक चोटें लग सकती हैं। आईईडी अलग-अलग सामान जोड़कर तैयार किया जाता है। इसमें विस्फोटक पदार्थ, डेटोनेटर, ट्रिगर या स्विच और पावर सोर्स (बैटरी आदि) शामिल है। जब ट्रिगर दबाया जाता है या सिग्नल मिलता है और बैटरी से करंट डेटोनेटर तक जाता है। डेटोनेटर छोटा धमाका करता है और यही मुख्य विस्फोटक में बड़ा धमाका करता है।


