भास्कर न्यूज | जांजगीर विश्व सामाजिक न्याय दिवस (20 फरवरी) के अवसर पर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल धुरकोट में शासकीय टीसीएल महाविद्यालय जांजगीर द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के तहत बौद्धिक परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर चांपा के सचिव मनोज कुमार कुशवाहा उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय का अर्थ समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर और अधिकार प्रदान करना है। साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य व महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक समाज सेवा के माध्यम से अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास करते हैं और जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। कार्यक्रम में भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार व मौलिक कर्तव्यों, अपराधों के प्रकार, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण अधिनियम, नशा मुक्ति से संबंधित एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम और महिलाओं से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। विधिक सेवा अधिनियम 1987 के गठन और उद्देश्य, नालसा की योजनाओं व हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी जागरूक किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देकर उन्हें नशा और अपराध से दूर रहकर जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। इस दौरान एनएसएस प्रभारी आरके चंद्र, प्राध्यापक अभय सिन्हा, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, जयराम गढ़ेवाल (पैरा लीगल वॉलिंटियर) सहित विद्यालय व महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


