भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा यूआईटी की ओर से गत 16 अक्टूबर को निकाली गई 3081 भूखंडों की ऑनलाइन लॉटरी के संबंध में राज्य सूचना आयोग ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करके हुए 30 दिनों में आवेदक को सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राज्य लोक सूचना अधिकारी ने यूआईटी सचिव के खिलाफ सुभाषनगर निवासी दीपक कुमावत की ओर से प्रस्तुत चार द्वितीय अपीलों पर 18 फरवरी को निर्णय पारित किया। सुनवाई के दौरान आवेदक दीपक कुमावत उपस्थित रहे, जबकि यूआईटी की ओर से एडवोकेट नितिन सिनसिनवार उपस्थित हुए। आवेदक ने अलग-अलग सूचना आवेदन पेश करके यूआईटी की भूखंड लॉटरी प्रक्रिया से संबंधित 36 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। इसमें लॉटरी की ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रक्रिया, सॉफ्टवेयर, सर्वर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की ओर से किए गए आवेदन पत्रों की प्रतियां, दस्तावेज, आय प्रमाण पत्र, श्रेणी, परिणाम आदि से संबंधित सूचनाएं शामिल थीं। तय समय में सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने पर चारों द्वितीय अपीलें दायर की गईं, जिनकी संयुक्त सुनवाई की। आयोग ने पाया कि आवेदक को समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराई, जो कानूनी जिम्मेदारी है। इस पर यूआईटी को भविष्य में सूचना आवेदनों एवं आयोग के नोटिसों का समय पर जवाब देने के लिए सचेत किया। आयोग ने आदेश दिया कि निर्णय मिलने के 30 दिनों के भीतर यूआईटी, आवेदक को रजिस्टर्ड पत्र से सूचित कर 16 अक्टूबर 2025 की कम्प्यूटरीकृत ऑनलाइन भूखंड लॉटरी से संबंधित दस्तावेजों के अवलोकन के लिए निश्चित तिथि, समय एवं स्थान पर आमंत्रित करे। दस्तावेजों के अवलोकन बाद आवेदक की ओर से चिन्हित अधिकतम 25 पेज की प्रतियां निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं।


