जालंधर के सिंगर KS मक्खन पॉलिटिक्स में आए:सुखबीर बादल ने अकाली दल जॉइन कराया, बसपा से लड़ चुके चुनाव; हार के बाद छोड़ी पार्टी

जालंधर के नकोदर में जन्में पंजाबी सिंगर और रेसलर केएस मक्खन ने अकाली दल जॉइन कर लिया है। सुखबीर बादल ने सिरोपा पहनाकर केएस मक्खन का पार्टी में स्वागत किया।
2027 पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए अकाली दल ने एक हफ्ते के अंदर दूसरा बड़ा कबड्डी प्लेयर पार्टी के साथ जोड़ा है। इससे पहले कबड्डी खिलाड़ी गोपी फरंदीपुरीया अकाली दल में शामिल हो चुके हैं। खेमकरण और नकोदर की दोनों सीटों पर 2022 में अकाली दल के कैंडिडेट को हार मिली थी।
शनिवार रात सुखबीर बादल केएस मक्खन के गांव शंकर पहुंचे और उनको अकाली दल में जॉइन करवाया।
पंजाब की पॉलिटिक्स में केएस मक्खन की ये दूसरी एक्टिव पारी होगी। इससे पहले सिंगर मक्खन बसपा में रह चुके हैं। उन्होंने बसपा के टिकट पर आनंदपुर साहिब लोकसभा से 2014 का चुनाव लड़ा। इसमें उन्हें 69,124 वोट मिले और वे चौथे स्थान पर रहे।
लोकसभा चुनाव में हार के बाद 2016 में मक्खन ने बसपा छोड़ दी और शिरोमणि अकाली दल का दामन थामा लेकिन एक्टिव पॉलिटिक्स नहीं की। जालंधर की नकोदर विधानसभा सीट में आते अपने पैतृक गांव में केएस मक्खन ने ऐलान किया कि अब वह एक्टिव पॉलिटिक्स करेंगे। सुखबीर बोले-केएस मक्खन की वापसी से पार्टी को मिलेगी मजबूती
केएस मक्खन को जॉइन करवाने के बाद शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि मक्खन और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत है। सुखबीर ने कहा कि मक्खन की वापसी से पार्टी को विशेष रूप से युवाओं के बीच, मजबूती मिलेगी। सुखबीर ने भरोसा दिलाया कि पार्टी में हर मेहनती वर्कर को बनता मान-सम्मान मिलेगा।
मक्खन बोले-राजनीतिक में लौटकर खुशी हो रही
पार्टी में शामिल होने के बाद केएस मक्खन ने कहा-शिरोमणि अकाली दल के प्रति उनका हमेशा से लगाव रहा है और आज अपने राजनीतिक घर लौटकर उन्हें खुशी हो रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे और उनके साथी अकाली दल को इलाके में मजूबत करेंगे।
आप की इंद्रजीत से क्लोज फाइट में हार गए थे अकाली कैंडिडेट वडाला
गुरुप्रताप सिंह वडाला नकोदर सीट से 2 बार लगातार विधायक रह चुके हैं। 2022 में आप की लहर में वडाला आप कैंडिंडेट इंद्रजीत कौर मान से हार गए थे। इंद्रजीत कौर मान को 42,868 वोट मिले थे जबकि अकाली दल के गुरुप्रताप सिंह वडाला को 39,999 वोट मिले थे। क्लोज फाइट में हारी सीट को अकाली दल किसी भी सूरत में हाथ से नहीं जाने देना चाहता। जानें केएस मक्खन के साथ जुड़े विवाद हेरोइन तस्करी के आरोप में केस, फिर बरी हुए -साल 2006 में जालंधर पुलिस ने केएस मक्खन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मक्खन पर इंडिया से कनाडा में हेरोइन तस्करी करने वाले एक गिरोह से जुड़े होने का आरोप लगा था। इस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था, लेकिन साल 2014 में सबूतों के अभाव में अदालत ने उनको बरी कर दिया। गानों में गन कल्चर प्रोमोट करने का आरोप- केएस मक्खन पर अक्सर अपने गानों के जरिए गन कल्चर प्रोमोट करने के भी कई बार आरोप लगे। हाल ही में 2023 में उनके एक गाने जमीन दा रौला को लेकर सोशल वर्कर ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन पर आरोप था कि वे युवाओं को हिंसा और हथियारों के प्रति उकसा रहे हैं। ED भी पूछताछ के लिए बुला चुकी है-ड्रग तस्कर जगदीश भोला से जुड़े एक मामले में ईडी 2017 में केएस मक्खन से लंबी पूछताछ कर चुकी है। यह पूछताछ एक पंजाबी फिल्म में हुए फाइनांस को लेकर थी जिसमें जगदीश भोला ने काम किया था। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या फिल्म में ड्रग्स के पैसे का इस्तेमाल हुआ है। कनाडा में गिरफ्तारी की अफवाह रही चर्चित- साल 2022 में सोशल मीडिया पर कनाडा में केएस मक्खन की गिरफ्तारी की अफवाह चर्चा में रही। दावा था कि कनाडा के सरे में पुलिस ने उनको हिरासत में लिया है। ये गिरफ्तारी कनाडा में किसी को बंदूक दिखाकर डराने के मामले में हुई थी। सिंगर केएस मक्खन का कबड्डी से पॉलिटिक्स तक का सफर कबड्डी में जाफी के रूप में पहचान बनाई- केएस मक्खन ने कबड्डी के मैदान में एक जाफी के तौर पर पहचान बनाई। उनकी कद-काठी और शारीरिक मजबूती के कारण विरोधी रेडर को पकड़ना उनके लिए बहुत आसान होता था। उनके पुराने साथी आज भी उनके भारी शरीर और मजबूत पकड़ को याद करते हैं। कनाडा और इंग्लैंड के क्लबों में खेले- केएस मक्खन ने केवल पंजाब के गांवों में ही नहीं बल्कि कनाडा और इंग्लैंड के कबड्डी क्लबों की ओर से भी मैच खेले। 90 के दशक के अंत में और 2000 के शुरुआती सालों में वे विदेश में होने वाले कबड्डी टूर्नामेंटों में एक बड़ा चेहरा रहे। मैदान पर उनकी इमेज एक किलर के रूप में होती रही है।

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