भास्कर न्यूज | पाली जिले के भावनगर गांव के एक ही परिवार के पांच लोगों की शनिवार अलसुबह गुजरात के उनाव (मेहसाणा) के पास दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि 6 अन्य घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब परिवार इको वैन से अहमदाबाद जा रहा था। परिवार शुक्रवार को मणिहारी गांव में रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल हुआ था। हल्दी और बिंदोली के कार्यक्रम के बाद रात करीब 2 बजे वे अहमदाबाद में दूसरी बहन के यहां मायरा भरने के लिए रवाना हुए। बताया जा रहा है कि उनाव के पास कार की रफ्तार करीब 140 किमी प्रतिघंटा थी। बताया जा रहा है कि दो दिन से गाड़ी चला रहे मदन की नींद पूरी नहीं हो रहे थे। रात 2 बजे निकले और करीब 170 किमी तक गाड़ी चला चुके थे। इसी दौरान चालक को झपकी आ गई और तेज रफ्तार गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में रामलाल कुमावत, उनकी माता मथरा देवी, रामलाल कुमावत का पुत्र कैलाश कुमावत, रामलाल की बेटी कोमल, रामलाल की दोहिता आयुष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, रामलाल की पत्नी पकली देवी, पुत्र राकेश कुमावत, पुत्रवधु ममता कुमावत, जवाई ड्राइवर मदनलाल, पौता नक्श कुमावत, दोहिती जाह्नवी घायल हो गए। घायल हुए छह लोगों का उपचार मेहसाणा सिविल अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रविवार को गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। कैलाश (बेटा ) आयुष (नाती) मथरा देवी (मां) रामलाल बड़ी बहन का मायरा भरने के बाद छोटी बहन का आज भरना था मायरा भावनगर का पूरा परिवार एक ही गाड़ी में सवार होकर पहले मणिहारी गांव में अपनी बहन के यहां पर मायरा भरा। अहमदाबाद में दूसरी बहन की शादी रविवार को थी, जिसे शनिवार को पहुंचकर मायरा भरना था। नियति को कुछ और ही मंजूर था। इससे पहले सुबह यह दर्दनाक हादसा हो गया। जिसे खुशियां एक ही पल में गम में बदल गई। परिवार व रिश्तेदारों का रो-रोककर बुरा हाल है। महेंद्र ने बताया हमारा पूरा परिवार 22 सालों से अहमदाबाद में रह रहा है। हमारे चक्की से आटा पिसने का कामकाज है। परिवार में दो शादियां होने के चलते गांव गए थे। मैंने भाई मदनलाल को फोन लगाया तो किसी अन्य ने फोन उठाया और बोला कि एक्सीडेंट हो गया है। भाई से बात करने पर पता चला कि गाड़ी स्पीड़ में थी और नींद की झपकी आ गई। कोमल (बेटी) {स्पीड और इम्पैक्ट फोर्स : 120-140 किमी/घंटा की रफ्तार पर वाहन की गति की ऊर्जा 80-90 किमी/घंटा की तुलना में लगभग दोगुनी हो जाती है। डिवाइडर जैसे कठोर (रिजिड) ऑब्जेक्ट से टक्कर में यह ऊर्जा सीधे केबिन स्ट्रक्चर पर ट्रांसफर होती है। हादसे के फोटो में फ्रंट-लेफ्ट (ड्राइवर साइड) का अधिक डैमेज एंगल्ड इम्पैक्ट दर्शाता है, यानी गाड़ी सीधी नहीं बल्कि तिरछी टकराई। इससे केबिन का लेफ्ट हिस्सा ज्यादा प्रभावित हुआ। {एयरबैग बनाम सीट बेल्ट : वाहन में ड्राइवर साइड एयरबैग खुला बताया जा रहा है। सेफ्टी इंजीनियरों के अनुसार एयरबैग अकेले जीवनरक्षक नहीं होते। वे सीट बेल्ट के साथ मिलकर काम करते हैं। इसका मतलब-यात्री ने सीट बेल्ट नहीं लगाया। 140 की स्पीड बताता मीटर। भास्कर ने हादसे की तस्वीरों व कुछ वीडियो को ऑटोमोबाइल सेफ्टी विशेषज्ञों, एक्सीडेंट रिकंस्ट्रक्शन एक्सपर्ट, पुलिस व सेफ्टी इंजीनियरों को दिखाया। उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त वैन की स्पीड 140 किमी प्रतिघंटा रही होगी। दो दिन से शादी समारोह में व्यस्त परिवार रात 2 बजे रवाना हुआ। 170 किमी की दूरी तय करने के दौरान चालक को आना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। ड्राइवर साइड एयरबैग खुला, जिससे चालक की जान बच गई। लेकिन आगे बैठी उसकी पत्नी ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी और उसकी गोद में छोटा बच्चा भी था। टक्कर के समय अनरेस्ट्रेन्ड इम्पैक्ट से गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई।


