सज्जनगढ़ अभ्यारण्य में लॉयन सफारी शुरू तो कर दी गई, लेकिन जमीनी हालात चिंता बढ़ाने वाले हैं। सफारी क्षेत्र में फैली सूखी घास और घनी झाड़ियां शेरों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रही हैं। क्योंकि पिछले साल मार्च में सज्जनगढ़ की पहाड़ियों पर लगी आग में 100 हेक्टेयर क्षेत्र जल गया था। इसकी लपटें बायोपार्क के पिंजरों तक पहुंच गई थीं। इससे भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। पिंजरे में बंद जानवर किसी तरह सुरक्षित रह सकते हैं, लेकिन खुले सफारी क्षेत्र में विचरण कर रहे शेरों के लिए ऐसी स्थिति जानलेवा हो सकती है। सफारी के चारों तरफ फायर लाइन बनाई
“लॉयन सफारी के चारों तरफ फायर लाइन बनाई गई है। अंदर ट्रैक भी है, जो फायर लाइन का काम करता है। उन्होंने कहा कि जहां ज्यादा घास होती है, वहीं नियंत्रित रूप से जलाया जाता है। सफारी के अंदर की घास नहीं जलाई गई है।”
-यादवेंद्र सिंह चूंडावत, डीएफओ


