भरतपुर के जौतरौली गांव में 13 जनवरी को बिजली के तार टूटने ने 6 महिला और बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हादसे के बाद भी गांव में हालात जस के तस बने हुए हैं। बिजली विभाग ने न तो, झूलते तारों को ठीक किया है और, न ही जर्जर पोल की मरम्मत की गई है। घरों के ऊपर अभी हाईटेंशन लाइनें जा रहीं हैं। ऐसे में ग्रामीणों को हादसे का डर सताता रहता है। मकानों के ऊपर जा रहीं 11KV बिजली की लाइन ग्रामीण श्याम सिंह निवासी जौतरौली गांव ने बताया कि हमारे गांव में लाइट की सबसे बड़ी समस्या है। गांव के मकानों के ऊपर से 11KV के तार जा रहे हैं। जबकि गांव में काफी रास्ता है जहां तारों को शिफ्ट किया जा सकता है। 2 बार तार टूटने से हादसा हो चुका है। हादसे में कई लोग घायल हो चुके हैं। हर समय ग्रामीणों की जान जोखिम में रहती है। बिजली विभाग के कर्मचारी आये लेकिन काम नहीं हुआ गांव में बिजली के तारों और जर्जर पोल की वजह से हदसे होने के अंदेशा बना रहता है। इसकी शकायत कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को की गई है। बिजली विभाग के कर्मचारी गांव में आये थे। उन्होंने गांव का मौका मुआएना किया और स्टीमेट बनाया लेकिन, हालात ऐसे ही बने हुए हैं। बिजली विभाग की तरफ से कोई काम नहीं किया गया है। बिजली विभाग के अधिकारी नहीं करते सुनवाई गांव में जो बिजली के पोल टूटे हैं उन्हें भी बदला नहीं गया है। हमेशा डर बना रहता है बिजली के पोल कभी भी टूट सकते हैं। बिजली विभाग के अधिकारी सुनवाई नहीं करते। ग्रामीण कई बार अधिकारियों से कह चुके हैं कि जर्जर बिजली के पोल ठीक किए जाए। बिजली के तारों को घरों के ऊपर हटाकर उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जाये। झूलते तारों को सही किया जाए।
13 जनवरी को हुआ था बड़ा हादसा 13 जनवरी की देर शाम गांव में अचानक ट्रांसफार्मर पर जोरों का ब्लास्ट हुआ। जिसके बाद घरों में करंट दौड़ पड़ा। जिसने भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से हाथ लगाया वहीं करंट की चपेट में आ गया। घटना में 6 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। उसके बाद भी बिजली विभाग ने कोई सुध नहीं ली।


