चित्तौड़गढ़ शहर के दो तस्करों को ATS की उदयपुर टीम ने नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है। एटीएस को सूचना मिली थी कि चित्तौड़गढ़ के दो तस्कर उदयपुर-पिंडवाड़ा हाईवे से कार में अवैध गांजा लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही टीम ने पुलिस थाना सुखेर के साथ मिलकर हाईवे पर नाकाबंदी की। पुलिस ने संदिग्ध गाड़ियों की जांच शुरू की और हर आने-जाने वाली गाड़ियों पर नजर रखी। इसी दौरान पिंडवाड़ा की तरफ से आ रही एक कार पर शक हुआ। पुलिस ने कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसमें सवार युवकों ने गाड़ी नहीं रोकी और तेज रफ्तार में आगे बढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने तुरंत पीछा शुरू कर दिया। भागने की कोशिश में कार डिवाइडर से टकराई पुलिस से बचने के लिए आरोपी तेज गति से कार दौड़ाते रहे, लेकिन कुछ दूरी पर ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया और कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर के बाद गाड़ी वहीं रुक गई और पुलिस ने मौके पर ही दोनों तस्करों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर कार से 6 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्वरूपगंज (सिरोही) और कोटड़ा, उदयपुर क्षेत्र से गांजा खरीदकर चित्तौड़गढ़ लाते थे। यहां वे इसे छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर अलग-अलग इलाकों में बेचते थे। इतना ही नहीं, दोनों आरोपी लगातार तस्करी से जुड़े है। पुलिस का मानना है कि यह काम पिछले कुछ समय से लगातार किया जा रहा था और इसके जरिए युवाओं को नशे की लत लगाई जा रही थी। एक तस्कर है पहले से वांछित गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंचवटी, चित्तौड़गढ़ निवासी 24 वर्षीय वीरेंद्र सिंह पुत्र केसर सिंह चौहान और धनेत कलां निवासी 23 वर्षीय देवराज पुत्र चंद्रशेखर वैष्णव के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि वीरेंद्र सिंह पहले से ही कोटड़ा थाने में दर्ज एनडीपीएस मामले में वांछित चल रहा था। पूछताछ में यह पता लगाया जा रहा है कि इनके साथ और कौन लोग जुड़े हुए हैं, गांजा कहां से मंगाया जाता था और शहर में किन-किन जगहों पर सप्लाई किया जाता था।


