विशाखापट्टनम से कोरबा आने वाली लिंक एक्सप्रेस शनिवार को साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची। ट्रेन सुबह 11:00 बजे के निर्धारित समय की बजाय दोपहर लगभग 2:30 बजे कोरबा पहुंची, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने बताया कि रायपुर में यह ट्रेन अपने निर्धारित समय सुबह 6:55 बजे पहुंच गई थी। हालांकि, बिलासपुर पहुंचने तक यह एक घंटा विलंब हो चुकी थी। बिलासपुर से कोरबा के बीच ट्रेन की देरी और बढ़ती गई, जिससे यह अपने गंतव्य पर साढ़े तीन घंटे बाद पहुंची। एक बुजुर्ग यात्री ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि रेल प्रबंधन की मनमानी पर कोई लगाम लगाने वाला नहीं है। यात्री रवि पी सिंह ने बताया कि रेल प्रबंधन की इस लेटलतीफी से यात्रियों का शेड्यूल बिगड़ जाता है। यात्री बोले- कई दिनों से देरी से पहुंची गाड़ी अन्य यात्रियों ने बताया कि इस ट्रेन में बीमार व्यक्ति, व्यवसायी, नौकरीपेशा लोग और स्कूल-कॉलेज के छात्र सहित विभिन्न प्रकार के यात्री सफर करते हैं। लगातार हो रही देरी से इन सभी को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि यह ट्रेन पिछले कई दिनों से इसी तरह विलंब से कोरबा पहुंच रही है। ट्रेन की लगातार लेटलतीफी को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। यात्रियों का आरोप है कि रेलवे कोरबा से कोयला परिवहन से लाखों-करोड़ों रुपये कमा रही है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां के लोगों के साथ केवल छलावा किया जा रहा है।


