छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आजबैठक नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के निवास पर शाम 6 बजे से होगी। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित कांग्रेस के सभी विधायक और पूर्व मंत्री शामिल होंगे। बजट सत्र के अलावा निकाय चुनाव में हार की प्रारंभिक समीक्षा और पंचायत चुनाव में परफॉर्मेंस को लेकर लेकर चर्चा होगी। रणनीति तय करने पर होगा मंथन इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बजट सत्र के दौरान कांग्रेस की रणनीति को अंतिम रूप देना है। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद यह दूसरा बजट सत्र होगा, जिसमें कांग्रेस प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने की तैयारी कर रही है। बैठक में सरकार की नीतियों, बजट प्रस्तावों और प्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही, कांग्रेस उन मुद्दों को चिन्हित करेगी, जिन पर सदन में सरकार को घेरा जाएगा। कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगी कांग्रेस विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और धान खरीदी में किसानों की समस्याएं बढ़ी हैं। विपक्ष ने बिजली बिल और बेरोजगारी भत्ते को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इन मुद्दों पर कांग्रेस विधानसभा में सरकार से जवाब मांग सकती है। साथ ही, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाओं को बंद किए जाने का मामला भी जोरशोर से उठाए जाने की संभावना है। बजट को लेकर सवाल केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग पर सवाल पूर्व मंत्रियों को भी बुलाया गया बैठक में बैठक में कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जिससे वे अपने कार्यकाल के अनुभव साझा कर सकें और सरकार की कमियों को उजागर करने के लिए ठोस रणनीति बनाई जा सके। इससे कांग्रेस को सत्र में प्रभावी भूमिका निभाने में मदद मिलेगी। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, पुर्वमंत्री रविंद्र चौबे, ताम्रध्वज साहू, शिव कुमार डहरिया, अमरजीत भगत, जयसिंग अग्रवाल,प्रेमसाय सिंह टेकाम, रूद्र गुरू, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, मोहम्मद अकबर, अमितेश शुक्ल, उमेश पटेल, अनिला भेड़िया और मोहन मरकाम मौजूद रहेंगे। निकाय चुनाव में हार की समीक्षा कांग्रेस विधायक दल की इस महत्वपूर्ण बैठक में जहां बजट सत्र के लिए रणनीति तय की जाएगी, वहीं हाल ही में हुए निकाय चुनावों में पार्टी को मिली हार की प्रारंभिक समीक्षा भी की जाएगी। पार्टी नेतृत्व चुनावी नतीजों का विश्लेषण कर कमजोरियों की पहचान करेगा और आगामी पंचायत चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की रूपरेखा पर चर्चा करेगा। संगठनात्मक मजबूती और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जरूरी रणनीति पर भी विचार किया जाएगा, ताकि आगामी चुनावों में पार्टी मजबूत स्थिति में रहे।


