भूपेश बघेल बोले- बदलते वक्त के साथ सोच बदलनी होगी:कुर्मी क्षत्रिय समाज के महाधिवेशन में हुए शामिल, विवाह को लेकर दिए सुझाव

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम चांपा में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का दो दिवसीय 80वां महाधिवेशन शनिवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। सोनचंद वर्मा स्मृति स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने समाज के सामने उभर रही नई चुनौतियों और बदलते सामाजिक समीकरणों पर चिंता व्यक्त की। भूपेश बघेल ने कहा कि वर्तमान दौर तेजी से बदल रहा है। समाज को अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए समय के साथ कदम मिलाना होगा। समाज ने अनेक महान विभूतियों को जन्म दिया है और शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है, लेकिन आज की युवा पीढ़ी की सोच और दृष्टिकोण अलग है। ऐसे में नई परिस्थितियों को समझते हुए सामंजस्य बनाना जरूरी है। विवाह को लेकर दिया महत्वपूर्ण सुझाव भूपेश बघेल ने समाज के सामने आ रही एक नई चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि सोच में बदलाव लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नौकरीपेशा बेटी अपने स्तर का योग्य वर नहीं पा रही है, तो उसे किसी योग्य बेरोजगार युवक से विवाह करने पर भी विचार करना चाहिए। उनका तर्क था कि ऐसे परिवार में युवक घर की जिम्मेदारी संभाल सकता है और बेटी नौकरी कर सकती है, जिससे संतुलन और सामंजस्य बना रहेगा। उन्होंने युवाओं को शिक्षित करने और रोजगार योग्य बनाने पर विशेष जोर दिया। पुरखों के दिए “पंक्ति तोड़ो, समाज जोड़ो” के नारे को याद करते हुए सामाजिक एकता की आवश्यकता बताई। अंतरजातीय विवाह और सामाजिक बदलाव पर चर्चा समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोदास राम कश्यप ने भी बदलते सामाजिक परिवेश पर चिंता जताई। उन्होंने समाज में बढ़ते अंतरजातीय विवाह और युवाओं के भटकाव को गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि कई परिवार यह प्रश्न उठा रहे हैं कि जब समाज में उनके बच्चों के लिए रिश्ते नहीं मिल पा रहे हैं, तो क्या अनाथालय की लड़कियों से विवाह किया जा सकता है। इसे समय की मांग बताते हुए उन्होंने समाज से बदलती परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की अपील की। टंक राम वर्मा का समाज के प्रति भावनात्मक संदेश कार्यक्रम की आयोजक राज प्रधान सुनीता वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि और प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि उनके जीवन में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वे स्वयं को समाज का ऋणी मानते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि अलग-अलग राज्यों में कुर्मी समाज के सामाजिक भवनों के निर्माण के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। भव्य कलश यात्रा और सामूहिक विवाह महाधिवेशन के पहले दिन निकाली गई कलश यात्रा में हजारों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर करीब तीन किलोमीटर की पदयात्रा की। यात्रा के बाद सभा स्थल पर सामाजिक ध्वज रोहण हुआ। इस अवसर पर समाज के नौ जोड़ों का सामूहिक विवाह वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि भूपेश बघेल, केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप, मंत्री टंक राम वर्मा और अन्य गणमान्य नागरिकों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद और उपहार दिए। दो दिवसीय महाधिवेशन के दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

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