राजस्थान विधानसभा में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में नागौर में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया। जिला कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुतला फूंका। कार्यकारी जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा ने कहा कि भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि भाजपाई सत्ता के अहंकार में हैं। कांग्रेस विधायकों का निलंबन संसदीय परंपरा के विरूद्ध है। सरकार के इस कदम के विरोध में नागौर से अनेक कार्यकर्ता 24 फरवरी को जयपुर जाकर विधानसभा के घेराव में शामिल होंगे। कार्यकारी जिलाध्यक्ष बांगड़ा ने सहकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की मांफी की मांग करते हुए कहा कि विकास के मुद्दों पर जवाब देने की बजाय भाजपा असभ्य भाषा से विपक्ष को उकसाकर सदन चलाने में गतिरोध पैदा करना चाहते हैं। कांग्रेस पार्टी इनकी तानाशाही के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेगी। सरकार के पास एक साल का कोई काम गिनाने के लिए नहीं था, इसलिए नेता प्रतिपक्ष का अभिभाषण पर इनकी असफलताएं उजागर करने वाला भाषण नहीं होने दिया। राजस्थान की भाजपा सरकार विधानसभा चलाना ही नहीं चाहती है। यह सब भाजपा की स्तरहीन सोच का नतीजा है, जो राज्य के विकास पर चर्चा नहीं करना चाहती। विरोध प्रदर्शन में प्रदेश सचिव आईदानराम भाटी, शौकत अली, खुर्शीद अली, जिला महासचिव दिलफराज खान, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष पूनाराम मेघवाल, शहर ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल हमीद गौरी, चांद मोहम्मद, खींवसर ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र फिड़ोदा, मनीष मिर्धा समेत काफी लोग शामिल थे।


