रामपुर में देव संस्कृति का अद्भुत संगम:ढोल-नगाड़ों के बीच देव मिलन, प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

शिमला जिले में रामपुर के लालसा स्थित भगवान परशुराम की पवित्र स्थली पर माता मंगला काली और देवता दोगणू महाराज की नवनिर्मित कोठी का प्राण प्रतिष्ठा समारोह चल रहा है। 18 तारीख से आरंभ हुए इस समारोह में शनिवार शाम मेहमान देवताओं का भव्य आगमन हुआ, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। मंदिर समिति के उपप्रधान मनीष शर्मा ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में भाग लेने वाले सभी देवताओं का स्वागत प्राचीन देव परंपराओं के अनुरूप विधि-विधान से किया गया। ढोल-नगाड़ों की थाप, रणसिंघा और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। समारोह में चार ठहरी के प्रमुख देवताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें देवता दमुख डंसा, देवता साहिब जाहरूनाग शनेरी, देवता साहिब यज्ञेश्वर शिंगला, देवता कालेश्वर छिज्जा देवठी, देवता नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू, देव जाख रचोली, लक्ष्मी नारायण देवता दरकाली, खंटू देवता साहिब सेरी मझाली तथा देवता थेडा महासू प्रमुख रूप से शामिल रहे। आज होगा फेर रस्म का आयोजन रविवार को मंदिर में शिखा पूजन और ‘फेर’ रस्म का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत नवनिर्मित मंदिर की छत पर चारों दिशाओं की विधिवत पूजा-अर्चना होगी। धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजन के पश्चात कलश स्थापना की जाएगी, जिसे मंदिर की पूर्णता और आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतिष्ठापन का प्रतीक माना जाता है। सोमवार को समारोह का समापन होगा, जिसमें जाइयों, भांजों और आमंत्रित देवताओं को पारंपरिक धार्मिक विधियों के साथ सम्मानपूर्वक विदाई दी जाएगी। इस प्रकार कई दिनों तक चले इस भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन होगा।

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