झुंझुनूं जिले की संस्कृत शिक्षा के दसवीं तक (प्रवेशिका) के 16 स्कूलों को उच्च माध्यमिक (वरिष्ठ उपाध्याय) में क्रमोन्नत जाएगा। राज्य सरकार ने बजट में इसकी घोषणा की थी। इनमें जिले की बडबर, लाडूंदा, सूरजगढ, सुखाना जोहड़ा, केशव की ढाणी, कुमावास, खातीपुरा कोलसिया, परसरामपुरा, बिसाऊ, मलसीसर, बालाजी बस स्टैंड, मण्डावा, जामा दा जोहडी, हरदेवाराम की ढाणी बबाई, खेतड़ी, भूकरी की ढाणी की स्कूल शामिल है। इससे संस्कृत विषय में रूची रखने वाले विद्यार्थियों को फायदा होगा। उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। आसपास में स्कूल नहीं होने से संस्कृत में रूची रखने विद्याार्थयों को अक्सर दसवीं के बाद लंबी दूरी करनी पड़ती थी। या फिर विषय बदलना पड़ता था। इसे राज्य सरकार ने संस्कृत रूची रखने वाले विद्यार्थियां को राहत दी है। स्कूलों के क्रमोन्नत होने से नए पदों का सृजन होगा। संस्कृत शिक्षा के प्रति एक बार फिर माहौल बनेगा। युवाओं का संस्कृत के प्रति रुझान कम हो रहा था, क्योंकि उनको नौकरी नहीं मिल रही थी। अब एक बार फिर संस्कृत पढ़ने वाले युवा एसटीसी, बीएड व एमएड करेंगे। जो शिक्षक दूसरे जिलों में कार्यरत हैं, उनको गृह जिले में पद मिलेंगे। वे कई साल अपने गांव अपने घर के नजदीक आ सकेंगे।


