मध्यप्रदेश में हल्की सर्दी का दौर फिर आ गया है। दिन में ठंडी हवा चल रही है तो रातें सर्द हैं। शनिवार-रविवार की रात प्रदेश के 3 शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। पचमढ़ी में तापमान 6.1 डिग्री पहुंच गया। प्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, सागर, शहडोल-रीवा के साथ भोपाल संभाग में भी पारा लुढ़का है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा। इस दौरान दिन-रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होगी यानी 24-25 फरवरी को भी हल्की सर्दी का एहसास होगा। खजुराहो में 4.6 डिग्री की गिरावट
शनिवार-रविवार की रात छतरपुर के खजुराहो में 4.6 डिग्री की गिरावट के साथ पारा 10.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। छिंदवाड़ा में 4.2 डिग्री की गिरावट हुई और पारा 13 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 6.1 डिग्री, कल्याणपुर में 9 डिग्री, शाजापुर से जुड़े गिरवर में 9.3 डिग्री, उमरिया में 10.3 डिग्री, राजगढ़ में 10.6 डिग्री, मंडला में 11.4 डिग्री और बैतूल-नौगांव में 12.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं, भोपाल में 11.4 डिग्री, ग्वालियर में 11.8 डिग्री, जबलपुर में 11.4 डिग्री, उज्जैन में 13.4 डिग्री और इंदौर में 16 डिग्री तापमान रहा। फरवरी में ऐसे ही मौसम का ट्रेंड
रविवार को ज्यादातर जिलों में धूप तो खिली रही लेकिन हवाओं से ठंडक बनी रही। भोपाल में हवा की रफ्तार 8 से 10 किमी प्रतिघंटा रही। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य शहरों में भी मौसम बदला रहा। फरवरी के दूसरे सप्ताह में प्रदेश में कई शहरों का पारा दिन में 34 और रात में 18 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। वहीं, 19- 20 फरवरी को भिंड-मुरैना समेत कई शहरों में बारिश हुई। इसके बाद पारे में गिरावट होने लगी। मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार रैकवार ने बताया, ‘फरवरी में कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होते हैं। इस बार भी ऐसा ही है। इस वजह से पारे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। फिलहाल, बारिश होने के आसार नहीं हैं।’ अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम
24 फरवरी को भोपाल, जबलपुर-ग्वालियर में दिन में सर्द हवा चल सकती है। रात में भी पारे में गिरावट होगी। 25 फरवरी को दिन-रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी, लेकिन इसके बाद फिर से बढ़ोतरी होने लगेगी। फरवरी में 10 साल का ट्रेंड, तीनों मौसम का असर
मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार रहेगा जबकि रात में 10 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी में सबसे ज्यादा ग्वालियर ठिठुरता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंचा था। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर
इस बार शुरुआती दो महीने यानी नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। जनवरी की शुरुआत में 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, ‘जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे जबकि जनवरी में ओले-बारिश का दौर भी रहता है।’ MP के 5 बड़े शहरों में फरवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड…
भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म
राजधानी भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2015 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। रात में 7 साल बाद पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस महीने बारिश होने का भी ट्रेंड है। हालांकि, 10 साल में सिर्फ 3 बार ही पानी गिरा है। 11 फरवरी 1950 को रात का पारा 1.7 डिग्री रहा था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। 22 फरवरी 2006 को अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री रहा था। साल 1986 को एक महीने में 2 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं
फरवरी के महीने में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर, दिन में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। हालांकि, पिछले साल यह 12 डिग्री रहा था। यहां 1 फरवरी 1929 को रात का पारा रिकॉर्ड 2.8 डिग्री पहुंच चुका है। दिन में रिकॉर्ड 37.9 डिग्री रहा था, जो 22 फरवरी 2006 को दर्ज हुआ था। इंदौर में साल 2001 में पूरे महीने करीब दो इंच बारिश भी हो चुकी है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंड
ग्वालियर में तेज ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। वर्ष 2018 में 1.9 डिग्री, 2019 में 2.4 डिग्री, 2022 में 2.9 डिग्री और 2023 में पारा 2.3 डिग्री तक पहुंच चुका है। 10 साल में एक बार भी पारा 7 डिग्री से ज्यादा नहीं रहा। 7 फरवरी 1974 को रात में पारा 0.3 डिग्री रहा था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। 27 फरवरी 2014 को दिन का तापमान रिकॉर्ड 37.2 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, वर्ष 1898 में इस महीने में करीब 4 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम
जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। पिछले साल बारिश नहीं हुई थी, लेकिन इससे पहले फरवरी में बारिश होने का ट्रेंड रहा है। 2 फरवरी 1905 को न्यूनतम तापमान 0 डिग्री रहा था, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 फरवरी 1966 को दिन का तापमान 37.6 डिग्री रहा था। साल 1942 को पूरे महीने करीब 6 इंच बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 27 फरवरी 1987 को दर्ज हुआ था। इस दिन 131.7 मिमी यानी 5 इंच से ज्यादा बारिश हो गई थी। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर
उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। हालांकि, इस बार फरवरी की शुरुआत में रात का पारा 10 डिग्री से अधिक ही है। पिछले 4 साल से फरवरी में बारिश भी नहीं हुई है। 1 फरवरी 2008 की रात में पारा रिकॉर्ड 1 डिग्री रहा था। वहीं, दिन का तापमान 39 डिग्री पहुंच चुका है। 2002 में पूरे महीने 2 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।


