चंडीगढ़ के पाश इलाके सेक्टर-33 में कारोबारी अजीत जैन के घर हुई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की डकैती का मामला 8 वर्ष बाद भी अनसुलझा है। लंबी जांच के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने जिला अदालत में इस केस की अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। अब इस रिपोर्ट पर एक मई को अदालत में सुनवाई होगी। 10 जनवरी 2018 की शाम करीब 7:30 बजे चार नकाबपोश बदमाश पिस्टल लेकर अजीत जैन के घर में घुस आए थे। उस समय घर में उनकी बेटी खुशबू जैन और दो नौकर मौजूद थे। बदमाशों ने तीनों को गोली मारने की धमकी देकर बंधक बना लिया और लाॅकर की चाबी मांगी। विरोध करने पर खुशबू पर हमला किया गया। डर के कारण उसने लाॅकर की चाबी सौंप दी। बदमाशों ने लाॅकर खोलकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात लूट लिए और फरार हो गए। घटना के बाद खुशबू ने अपने पिता को फोन कर पूरी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। काले रंग की सैंट्रो कार में आए थे बदमाश जांच में सामने आया था कि आरोपी काले रंग की हुंडई सैंट्रो कार में आए थे। सभी ने मंकी कैप पहनी हुई थी, जिससे उनका चेहरा स्पष्ट नहीं दिखा। वे घर में करीब 20 मिनट तक रहे और आपस में कम बातचीत कर इशारों में बात करते रहे। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका थी कि बदमाशों को घर में रखे जेवरात और नकदी की सटीक जानकारी थी। इससे किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका होने का भी संदेह जताया गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, लेकिन कार का रजिस्ट्रेशन नंबर साफ नहीं हो सका। घटना के 10 दिन बाद ड्राइवर की संदिग्ध मौत घटना के करीब दस दिन बाद कारोबारी के ड्राइवर का शव जीरकपुर के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। बताया गया कि उसने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की। हालांकि, पुलिस को उसके खिलाफ भी कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। पुलिस ने घर के कर्मचारियों और पड़ोसियों से पूछताछ की, तकनीकी जांच करवाई, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। वर्षों तक चली जांच के बाद आखिरकार पुलिस ने अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर केस बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब अदालत के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं।


