चूरू में संत निरंकारी मंडल ने रविवार को ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के चौथे चरण के तहत श्रमदान किया। यह श्रमदान निरंकारी सत्संग भवन के पास जल और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से किया गया। इस अवसर पर संत निरंकारी मंडल के जोनल इंचार्ज शिवभगवान बजाज ने जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार और ईश्वर की अमूल्य देन है। बजाज ने जोर देकर कहा कि ईश्वर की इस अमूल्य देन को सुरक्षित और साफ-सुथरा रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। 2023 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट अमृत
जोनल इंचार्ज ने बताया कि बाबा हरदेव सिंह की प्रेरणा से वर्ष 2023 में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ‘प्रोजेक्ट अमृत’ की शुरुआत की गई थी। इस परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण को किसी एक विशेष दिन तक सीमित न रखकर, इसे दैनिक जीवन शैली का अभिन्न अंग बनाना है। सत्संग के दौरान सतगुरु बाबा हरदेव सिंह की शिक्षाओं को साझा किया गया। इसमें बताया गया कि प्रदूषण आंतरिक और बाहरी दोनों स्तरों पर नहीं होना चाहिए। हमें इस धरती का श्रृंगार करना है और एक गुलदस्ते की तरह प्रेमपूर्वक रहना है। सेवा, सत्संग और सुमिरन के माध्यम से इस धरती को स्वर्ग बनाने और जीवन को सफल बनाने का आह्वान किया गया।


