मोगा में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के आवास के सामने विशाल धरना प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल, बीज संशोधन बिल 2025 और नए लेबर कोड का कड़ा विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर चिंता जताते हुए इन कानूनों को खेती और आम जनमानस की आजीविका पर सीधा हमला करार दिया और इन्हें निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों जैसा ही घातक बताया। बीकेयू एकता उगराहां, राजेवाल, लखोवाल और किरती किसान यूनियन सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को भी आड़े हाथों लिया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र के जनविरोधी कानूनों का विरोध करने के बजाय उन्हें लागू करने की राह पर है। नेताओं ने सरकार की लैंड पूल पॉलिसी और बिजली बोर्ड की जमीनों को बेचने की कथित तैयारियों की आलोचना करते हुए कहा कि किसान अपनी जमीन और खेती बचाने के लिए किसी भी निर्णायक संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि जायज मांगों के लिए आवाज उठाने वालों पर लाठीचार्ज और पुलिस केस दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में गांव जिउंद में किसानों पर हुए लाठीचार्ज और किसानों की आवाज उठाने वाले पत्रकारों पर केस दर्ज होने की निंदा की। नेताओं ने कहा कि एक तरफ किसान आलू की बर्बाद होती फसल और आर्थिक तंगी के कारण कठिन दौर से गुजर रहे हैं, वहीं सरकारें मदद के बजाय तानाशाही रवैया अपना रही हैं। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र और राज्य सरकार ने किसान-विरोधी रुख नहीं बदला, तो आने वाले समय में भारी जन-रोष का सामना करना पड़ेगा। बिजली और बीज संशोधनों जैसे फैसलों को वापस नहीं लिया गया, तो संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले एक बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस अवसर पर बलौर सिंह घल्ल कलां, सुखविंदर सिंह, इकबाल सिंह गलोटी और निर्भय सिंह ढुड्डीके सहित कई प्रमुख किसान व मजदूर नेता उपस्थित रहे।


