अपने परिवार की तरक्की, उसके दुख-दर्द को दूर करने के लिए हर कोई जीता है। लेकिन जो दूसरे का दर्द दूर करने के लिए काम करता है, वो विरला ही होता है। जालंधर के दो संगठन मानवता की सेवा में मिसाल बने हैं। पहला है भारत विकास परिषद। इसकी सेवा बहुत महत्वपूर्ण है। परिषद ने रविवार को दिव्यांगों को कृत्रिम अंग देने के लिए कैंप लगाया। अक्सर आर्थिक तौर पर कमजोर तबके में लोगों की तरक्की रुकी रह जाती है जब महंगे कृत्रिम अंग न होने से घर बैठे रह जाते हैं। दूसरी तरफ नई चेतना वेलफेयर सोसायटी मिसाल बनी है। इससे जुड़े संवेदनशील लोग हर माह 200 रुपए डोनेट करते हैं। ये रकम मिलकर बड़ी होती है और फिर इससे एक सिलाई ट्रेनिंग सेंटर चलता है। जानकारी देतीं सोसायटी की मेंबर्स। भारत विकास परिषद बना दिव्यांगों का सहारा भारत विकास परिषद की शाखा जालंधर दक्षिण द्वारा आज लाज डैवन 199ईसी और सिख यूनियन कवैंटरी यूके के सहयोग से फ्रीमेसन्स हॉल, तोपखाना बाजार, जालंधर कैंट में दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जरूरतमंद दिव्यांगजनों को निशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान करने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट लुधियाना के विशेषज्ञों की टीम ने कृत्रिम टांग, बाजू, कैलिपर, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल और सुनने की मशीन देने के लिए लाभार्थियों का माप लिया। राजिंदर और अध्यक्ष डॉ. राजेश मनन ने बताया कि जिन दिव्यांगजनों का आज माप लिया गया है, उन्हें 15 मार्च, रविवार को इसी स्थान पर आयोजित होने वाले विशाल मेडिकल कैंप में कृत्रिम अंग प्रदान किए जाएंगे। लाज डैवन के सदस्य मंजीत सिंह, वरिंदर गुप्ता और अविनाश कपूर ने जानकारी दी कि 15 मार्च को आयोजित मेडिकल कैंप में आंखों, कैंसर और लीवर रोगियों की जांच सहित विभिन्न बीमारियों की निशुल्क जांच की जाएगी। इस अवसर पर डॉ. जोगिंदर अरोड़ा, रमेश विज, रवि महाजन, चंद्र शर्मा, के.एल. अरोड़ा, एच.एल. कोहली, नवीन गोस्वामी, सतनाम अरोड़ा, गोपाल कृष्ण, सुभाष जोशी, विवेक जोशी सहित अन्य उपस्थित रहे।


