भास्कर न्यूज | जालंधर नगर निगम ने बिस्त दोआब नहर के किनारे सड़क तैयार कर दी है, लेकिन फोकल प्वाइंट के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से सटी पुलिया आज भी संकरी है। यहां से काला संघियां ड्रेन, बिस्त दोआब नहर के नीचे से क्रॉस होकर कालिया कॉलोनी की तरफ जाती है। इस पुलिया की चौड़ाई 9 फीट है, जबकि नई सड़क बनने, नए कारखाने व कॉलोनियां बसने के बाद ट्रैफिक कई गुना बढ़ गया है। संकरी पुलिया पर जब ट्रक या कार क्रॉस करने लगते हैं तो अन्य वाहन चालकों को रुकना पड़ता है। सुबह 7 से 9 बजे तथा शाम 5 से 7 बजे के बीच यहां जाम लग जाता है। इसी समय लोग फैक्ट्रियों में ड्यूटी के लिए जाते हैं और शाम को वापस आते हैं। रविवार को मौके पर पाया गया कि संकरी पुलिया पर रोशनी का भी समुचित प्रबंध नहीं है। यहां अधिकतर लाइटें बंद पड़ी हैं। एमएसएमई एसोसिएशन के प्रधान गुरचरण सिंह ने बताया कि जालंधर से पीएपी नेशनल हाईवे नंबर 44 को जोड़ने वाली यह सड़क सीधे गदईपुर, रंधावा मसंदां और सलेमपुर इलाके तक पहुंचती है। इसी रास्ते से हजारों की संख्या में संगत डेरा सचखंड बल्लां में माथा टेकने जाती है। उन्होंने कहा कि साल 2021 में उम्मीद जगी थी कि समस्या का समाधान होगा, लेकिन योजना पूरी नहीं हो सकी। पुरानी पुलिया के नजदीक बिस्त दोआब नहर पर एक छोटा बैराज बनाया गया है, जो साफ पानी को काला संघियां ड्रेन में गिरने से रोकता है। इस बैराज के साथ नया पुल बनना था। करीब 90 लाख रुपये के बाईपास प्रोजेक्ट के तहत पुल निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन योजना लंबित हो गई। अगर यह पुल चालू हो जाता तो मौजूदा संकरी ड्रेन की पुलिया पर लगने वाला जाम कम हो सकता था, क्योंकि ट्रैफिक दूसरी तरफ शिफ्ट हो जाता। फिलहाल न तो बैराज पर चौड़ा पुल बना और न ही ड्रेन की पुरानी पुलिया को अपग्रेड किया गया है। एमएसएमई एसोसिएशन ने कहा कि यह मामला पंजाब सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। संकरी पुलिया पर फैक्ट्रियों का सामान लेकर आने वाले ट्रक अक्सर फंस जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। संगठन के चेयरमैन अशोक मल्होत्रा ने कहा कि नगर निगम जहां चौकों का सौंदर्यीकरण कर रहा है, वहीं सड़कों पर आवश्यक सुविधाओं के अपग्रेडेशन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।


