पिछले 20 वर्षों से शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे दफ्तरी कर्मचारियों ने वेतन में की जा रही 31,000 रुपये प्रति माह की भारी कटौती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत से मुलाकात कर उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सितंबर 2025 में हुई कैबिनेट मीटिंग के बाद वित्त मंत्री और शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को वेतन न काटने के निर्देश दिए थे, लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सरकार के इन आदेशों को नजर अंदाज कर दिया है। पिछले 5 महीनों से फाइल एक टेबल से दूसरे टेबल पर घूम रही है, लेकिन कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। नेताओं ने याद दिलाया कि साल 2018 में जब 8886 अध्यापकों को पक्का किया गया था, तब दफ्तरी कर्मचारियों के साथ भेदभाव करते हुए उन्हें अनदेखा कर दिया गया था। सर्व शिक्षा अभियान और मिड-डे मील दफ्तरी कर्मचारी यूनियन के नेताओं शोभित भगत, गगनदीप शर्मा और अन्य ने कहा कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो वे कभी भी हड़ताल पर जा सकते हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि 25 फरवरी को राज्य भर के कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर संगरूर में मुख्यमंत्री के निवास का घेराव करेंगे।


