750 भक्तों के संग निकली श्री श्याम की निशान यात्रा, नगर हुआ भक्तिमय

सिटी रिपोर्टर | रांची श्री श्याम मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय श्री श्याम फाल्गुन सतरंगी महोत्सव रविवार को विराट निशान शोभायात्रा के साथ प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर सर्वप्रथम प्रातः श्री श्याम प्रभु का भव्य शृंगार किया गया। बाबा को स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत कर विभिन्न प्रकार के खुशबूदार फूलों से सजाया गया। मंदिर में विराजे वीर बजरंगबली और शिव परिवार का भी विशेष शृंगार हुआ। मंडल द्वारा निर्मित श्री श्याम मंदिर में प्रथम बार बाबा के मंड में स्थापित होने वाले रजत निशान (ध्वजा) का पूजन प्रातः 11 बजे आचार्य श्याम सुंदर भारद्वाज के नेतृत्व में मंडल के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश बागला द्वारा विधि-पूर्वक किया गया। रजत निशान बाबा के रथ पर नगर भ्रमण कर मंदिर में स्थापित किया जाएगा। निशान पूजन के बाद दोपहर 2 बजे श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से विशाल निशान यात्रा की शुरुआत हुई। 750 से अधिक भक्त श्रद्धा भाव से अपने-अपने कंधों पर श्री श्याम निशान लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए। इस दौरान भजनों का दौर भी चलता रहा, जैसे “डोरी खींच राखिजो यो है बाबा को निशान… और श्याम रंगीला पलका उघाड़ो फाल्गुन आ गयो… आदि। रथ पर विराजमान श्री श्याम प्रभु नगरवासियों को आशीर्वाद देते हुए यात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा के मार्ग में भक्तों ने पारंपरिक आरती, पुष्पवर्षा व भोग अर्पित कर प्रभु का स्वागत किया। श्री श्याम मंडल ने प्रसाद, शुद्ध जल व जूस का वितरण भी किया। यात्रा के समापन पर सभी भक्तों ने भावुक होकर श्री श्याम प्रभु को निशान अर्पित किया। आयोजन को सफल बनाने में अनिल केजरीवाल, अशोक लाठ, मनोज सिंघानिया, ज्ञान प्रकाश बागला, सुनील मोदी और अन्य सदस्यों का योगदान रहा। महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को रात्रि 9 बजे श्री श्याम मंदिर में होगा, जिसमें विराट शृंगार, छप्पन भोग, सवामनी भोग और केसरिया होली समारोह होंगे। रांची| हरमू रोड स्थित श्री श्याम मंदिर में आयोजित ‘रंग रंगीलो श्री श्याम फागण अमृत महोत्सव’ के तीसरे दिन रविवार को भक्ति की अविरल धारा बही। जयपुर से आए कथावाचक गिरिराज शरण ने भजनों की अमृत वर्षा के साथ श्याम कथा का शुभारंभ किया। प्रगटयो खाटू की नगरी में बाबा श्याम, कलयुग में अवतार लियो… से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। मुख्य यजमान कमल मोर, नैना मोर, प्रतीक मोर व श्वेता मोर ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन व आरती कर कथा का शुभारंभ कराया। कथा के दौरान कौरव-पांडवों से बर्बरीक के मिलन, श्रीकृष्ण द्वारा उनकी परीक्षा, पांडवों का गर्व भंग तथा खाटू में दिव्य शीश प्रकट होने के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। इन प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। संध्या चार बजे मंदिर के पट खुलते ही नियमित श्रद्धालुओं के साथ कथा श्रवण के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्याम मित्र मंडल के महामंत्री गौरव अग्रवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए बैठने की सुंदर व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त फल-प्रसाद अर्पित कर रहे हैं। कथा में कमल मोर, नैना मोर, प्रतीक मोर, श्वेता मोर, पीयूष मोर सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। निशान शोभायात्रा मेंे शामिल श्याम भक्तोंे ने खूब उड़ाए गुलाल।

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