गुर्जर समाज में व्याप्त दहेज प्रथा, मृत्युभोज और शादियों में फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों पर अंकुश लगाने के लिए गुर्जर समाज सुधार समिति का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार शाम बयाना पहुंचा। दमदमा रोड स्थित पूर्व सरपंच बनबारी मावई के निवास पर हुई बैठक में समाज के गणमान्य लोगों ने सामाजिक सुधार पर मंथन किया और ठोस निर्णय लेने पर सहमति जताई। बैठक में गणमान्य हुए शामिल
सामाजिक जनजागरूकता अभियान के तहत बृजनगर क्षेत्र से कृषि उपज मंडी समिति के पूर्व चेयरमैन रामावतार गुर्जर, पूर्व सरपंच निहाल सिंह गुर्जर (खखावली), शिक्षाविद एवं समाजसेवी भगवान सिंह गुर्जर तथा लेखराम गुर्जर बैठक में शामिल हुए। वक्ता बोले-अनावश्यक खर्च समाज की प्रगति में बाधा
बैठक में वक्ताओं ने बताया-समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन दिखावे की प्रवृत्ति और अनावश्यक खर्च समाज की प्रगति में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने बुद्धिजीवी वर्ग से गांव-गांव और ढाणियों तक पहुंचकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया, ताकि स्थायी परिवर्तन लाया जा सके। कुरीतियों को समाप्त करने का आह्लान
पूर्व चेयरमैन रामावतार गुर्जर और पूर्व सरपंच निहाल सिंह गुर्जर ने सामाजिक कुरीतियों का त्याग कर शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। शिक्षाविद भगवान सिंह गुर्जर और लेखराम गुर्जर ने शादियों में डीजे, हर्ष फायरिंग तथा मृत्युभोज जैसी परंपराओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। समाज सुधार में सक्रिय भूमिका का आह्लान
पथिक सेना संगठन के संभागीय अध्यक्ष सुरेंद्र खटाना ने युवाओं से नशे और दिखावे से दूर रहकर समाज सुधार अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि एक शिक्षित समाज ही सशक्त समाज की नींव रखता है। बैठक में उपस्थित समाज के लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि दहेज, मृत्युभोज और फिजूलखर्ची जैसी कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व सरपंच बनबारी मावई, हरेंद्र सूपा, सचिन मावई, सुरेंद्र कसाना, हेमराज गुर्जर, हरिओम गुर्जर सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।


