भास्कर न्यूज | दाढ़ी अंचल में अनुकूल मौसम के चलते इस वर्ष आम की फसल में शुरुआती दौर में भारी मात्रा में बौर (फूल) दिखाई दे रहे हैं। पिछले तीन-चार वर्षों से असमय बारिश और मौसम की बेरुखी के कारण आम उत्पादन प्रभावित हुआ था, लेकिन इस बार पेड़ों पर आई भरपूर बौर (फूल) ने किसानों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बेमेतरा के मैदानी क्षेत्र के अधिकतर गांवों में खेत-खलिहानों, मेड़ और बगीचों में लगे आम के पेड़ों पर अच्छी संख्या में फूल आए हैं। छोटे किसानों ने भी अपने खेत के मेड़ में फलदार पौधे लगाए है, जिससे भविष्य में बेहतर उत्पादन मिल सके। बड़े किसानों के बगीचों में विभिन्न प्रजातियों के आम के पौधे लगे हैं, जिनसे हर वर्ष स्थानीय बाजार में आपूर्ति होती है। दाढ़ी नगर पंचायत निवासी वरिष्ठ किसान दयाराम साहू ने बताया कि पिछले 35 वर्षों में उन्होंने आम के पेड़ों पर इतना अधिक बौर कम ही देखा है। उनका कहना है कि यदि अगले दो माह तक मौसम अनुकूल रहा तो जिले में इस बार भरपूर उत्पादन संभव है। कवर्धा-मंडला से आते हैं आम, होगी बंपर आवक जिले में स्थानीय उत्पादन अपेक्षाकृत कम रहने के कारण कच्चे आम की आपूर्ति बाहरी क्षेत्रों से होती रही है। बाजार के दिनों में कवर्धा और मंडला से बड़ी मात्रा में कच्चा आम आता है। चिल्फी, बोड़ला और पंडरिया क्षेत्र से भी व्यापारी अचारी आम लेकर पहुंचते हैं। खुदरा विक्रेता इन्हें खरीदकर गांव-गांव में आचार के लिए बेचते हैं। कच्चे आम का सीजन शुरू होते ही नवीन मार्केट क्षेत्र में अलग से अस्थायी बाजार सजने लगता है। हालांकि इस बार स्थानीय पेड़ों में भी अच्छे उत्पादन की उम्मीद है। इससे किसान उत्साहित हैं।


