लोक अदालत में हो लंबित मामलों का निराकरण: तिवारी

भास्कर न्यूज | धमतरी 14 मार्च को होने वाली नेशनल लोक अदालत के आयोजन को लेकर जिला न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष रामकुमार तिवारी ने जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों एवं न्यायाधीश की बैठक ली। बैठक में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी उषा गेंदले, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तनुश्री गवेल, सचिव नेहा उसेन्डी, उप पुलिस अधीक्षक आशीष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर इंद्रा नवीन सिंह, पीडब्लूडी के अधिकारी एवं अन्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत आयोजित होगा। जिला एवं सत्र न्यायालय धमतरी, व्यवहार न्यायालय कुरूद, व्यवहार न्यायालय नगरी में भी लोग अदालत की खंडपीठ बनेगी। साथ ही राजस्व न्यायालयों में भी लोक अदालत की खंडपीठ बनेगी। इसमें राजस्व न्यायालय में लंबित मामलों का निराकरण किया जाएगा। कुटुंब न्यायालय में परिवार संबंधी मामलों का निराकरण किया जाएगा। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि न्यायालयों में लंबित मामलों के अतिरिक्त बीमा संस्था, बैंक, विद्युत सेवा, दूर संचार सेवा से संबंधित मामलों का भी निराकरण नेशनल लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के रूप में किया जाएगा। न्यायालय में लंबित मामले सिविलवाद, राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत आने वाले मामले, दावा दुर्घटना, श्रम न्यायालय में लंबित मामले का निराकरण किया जाएगा। धारा 138 अंतर्गत चेक बाउंस के मामले, धन वसूलीवादों में यदि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से याद का निराकरण किया जाता है, तो न्यायालय शुल्क की वापसी होगी जिससे धन की बचत होती है। लोक अदालत के लाभ है कि इससे वाद, व्यय और समय की बचत होती है। न्यायालय शुल्क अदा करना नहीं पड़ता है। लोक अदालत के आवाज के विरूद्ध अपील नहीं होती है। यहां सुलह से पक्षकारों के प्रकरण का निराकरण किया जाता है।

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