भास्कर न्यूज | रायगढ़ रविवार को जिले के 14 परीक्षा केंद्रों में सीजी पीएससी परीक्षा कड़ी सुरक्षा और नियमों के साथ हुई। डिप्टी कलेक्टर, सीएमओ, राज्य पुलिस सेवा, तहसीलदार सहित ढाई सौ से अधिक पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित हुई। दो पालियों में हुई परीक्षा में अभ्यर्थी आंकड़ा, उलझे और गहन प्रश्नों में जूझते रहे। खासकर छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान के कठिन प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को सोचने पर मजबूर कर दिया। छत्तीसगढ़ी भाषा से जुड़े प्रश्न चरका गरु चरत जाय, करिया गरु सुतत जाय जनउला का क्या मतलब है, बीस दुअरिया मंदिर कहां स्थित है के साथ ही मुहावरों से जुड़े प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाए रखा। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते अभ्यर्थियों ने कहा कि प्रश्नपत्र काफी घुमावदार था और उत्तर विकल्प भी भ्रमित करने वाले थे। कई अभ्यर्थियों का कहना था कि पिछले तीन-चार वर्षों की तुलना में इस बार प्रश्न काफी कठिन रहे। शहर के बाहर बनाए गए परीक्षा केंद्र, अभ्यर्थी हुए परेशान: 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शासकीय स्कूलों में होने के कारण इस बार कई ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया। 14 केंद्रों में से तीन शहर से दूर थे, जिसके कारण अभ्यर्थियों को आवागमन में दिक्कत हुई। शहर में केवल बड़े स्कूल केंद्र बनाए गए थे। पहली पाली के बाद अभ्यर्थियों में मायूसी दिखी। उनका कहना था कि प्रश्नपत्र बीते दो–तीन वर्षों के पैटर्न से बिल्कुल भिन्न था और कठिनाई स्तर अधिक था। बहुविकल्पीय प्रश्नों, डेटा आधारित सवालों, आर्थिक सर्वेक्षण से जुड़े प्रश्नों और लंबे उत्तरों में अभ्यर्थी उलझे रहे। सक्ती टुंड्री निवासी ओमकेश्वर बैरागी ने कहा कि यह उनकी छठवीं सीजी पीएससी परीक्षा है और अब तक का यह सबसे कठिन प्रश्नपत्र था। सारंगढ़ निवासी स्वेता सिदार ने भी यही प्रतिक्रिया दी। दूसरी पाली में 53 अभ्यर्थियों ने नहीं दी परीक्षा: राज्य सेवा परीक्षा दो पालियों में हुई। पहली पाली में 3515 आवेदन थे, जिनमें 2662 अभ्यर्थी उपस्थित हुए और 808 अनुपस्थित रहे। इनमें लगभग 10 प्रतिशत अभ्यर्थी समय पर न पहुंचने और ड्रेस कोड की कड़ाई के कारण परीक्षा नहीं दे पाए। दूसरी पाली में 853 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, यानी पहली पाली के 53 अभ्यर्थी दूसरी पाली में शामिल नहीं हुए। इस बार कटऑफ 80-90 मार्क्स रहने की संभावना शिक्षाविद अबरार हुसैन ने कहा कि इस बार प्रश्नपत्र पिछले तीन-चार वर्षों की तुलना में अधिक कठिन था। आमतौर पर कटऑफ लगभग 110 तक रहता है, लेकिन इस बार 80-90 अंकों के बीच रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र में छत्तीसगढ़ी, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर नए और बहुविकल्पीय प्रश्न अधिक थे, जबकि वन-लाइनर प्रश्न कम रहे।


