रायगड़ा/भुवनेश्वर| ओडिशा सरकार ने राज्य की संशोधित अबकारी (एक्साइज) नीति के तहत एक बड़ा बदलाव किया है। अब मादक पेय (देशी-विदेशी शराब, बीयर आदि) केवल कांच की बोतलों में ही नहीं, बल्कि टेट्रा पैक (मोटा कागजी खोल/कार्टन) में भी बेचे जा सकेंगे। यह फैसला पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षित हैंडलिंग और कांच के टूटने से होने वाले खतरे को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। 21 फरवरी को ओडिशा विधानसभा में चंपुआ विधायक सनातन महाकुड़ (सना महाकुड़) के एक प्रश्न के जवाब में अबकारी, कानून व कार्य विभाग मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने यह जानकारी दी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि संशोधित अबकारी नीति के तहत टेट्रा पैक को वैकल्पिक पैकेजिंग के रूप में अनुमति दी गई है। यह बदलाव पर्यावरण के अनुकूल है, क्योंकि कांच की बोतलें टूटने पर सड़कों, नदियों, खेतों में खतरा पैदा करती हैं और अपशिष्ट बढ़ाती हैं। जहां कांच की बोतलें अभी भी इस्तेमाल हो रही हैं, वहां सरकार पुनः उपयोग और रिसाइक्लिंग को प्रोत्साहित कर रही है। मंत्री ने जोर दिया कि टेट्रा पैक जूस या सॉफ्ट ड्रिंक पैकेजिंग की तरह मोटे, मजबूत कागज-आधारित होंगे, जो टिकाऊ और सुरक्षित हैं। हालांकि, यह पूरी तरह कांच बोतलों पर प्रतिबंध नहीं है बल्कि दोनों विकल्प उपलब्ध रहेंगे, लेकिन टेट्रा पैक को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यावरण सुरक्षा, कांच अपशिष्ट में कमी, सड़क/खेतों में टूटे कांच से चोट का खतरा कम करना है।


