भास्कर न्यूज | कोरबा नाबार्ड व महामाया बहुउद्देशीय सहकारी समिति नवापारा के सहयोग से अनाज, बाजरा, ताजे फल और सब्जियों को लेकर निर्यात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्व-सहायता समूहों के सदस्य, प्रोसेसर्स व प्रगतिशील किसान शामिल हुए। एपीडा क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर की ओर से जिला पंचायत सभागार में हुए कार्यक्रम में कृषि निर्यात क्षमता, गुणवत्ता मानक, पैकेजिंग, प्रमाणन और निर्यात से संबंधित दस्तावेजीकरण के संबंध में चर्चा की गई। एफपीओ के जरिए निर्यात मात्रा को प्रबंधित करने सामूहिक उत्पादन और निर्यात गुणवत्ता वाले उत्पादों के उत्पादन के लिए प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मूल्यवर्धन में स्व-सहायता समूहों की भूमिका पर विशेष बल दिया गया। इसके अलावा एनपीओपी प्रमाणन के बारे में भी जानकारी दी गई। एपीडा के सलाहकार आनंद कुमार ने उत्पादों के नमूने लेने, परीक्षण करने और उत्पादों की पैकेजिंग पर लेबलिंग से पोषण संबंधी जानकारी देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि किसान संगठन (एफपीओ) के जरिए जिला स्तर पर निर्यात नियोजन को मजबूत किया जाएगा। उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा ताकि किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़कर आय में वृद्धि की जा सके। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक संजीव कुमार प्रधान ने कहा कि जिले में नाबार्ड की वित्तीय सहायता से एफपीओ बेहतर काम कर रहे हैं। आम और काजू के प्लांटेशन लगाए गए हैं। काजू समेत अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट और गोदाम बनवाने में भी आर्थिक सहायता की गई है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की प्रबंधक चंचल श्रीवास्तव ने बताया कि उद्योग विभाग खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को स्थापना से लेकर निर्यात तक प्रत्येक स्तर पर मार्गदर्शन व प्रोत्साहन प्रदान करता है। पीएमएफएमई योजना के तहत जिले में पात्र इकाइयों को 35 प्रतिशत तक अनुदान की व्यवस्था भी है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए गए।


