भिलाई|आचार्य डॉ. महेश चन्द्र शर्मा की पुस्तकें छत्तीसगढ़ के बाहर भी लोकप्रिय हैं। महर्षि अगस्त्य वैदिक संस्थानम भोपाल के अध्यक्ष आचार्य पं. प्रभुदयाल मिश्र ने आचार्य डॉ. महेश चन्द्र शर्मा की पुस्तक गागर में सागर की सराहना करते हुए उसे बूंद में समुद्र कहा है। उनके अनुसार इस किताब में भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण विषयों को भी पृष्ठभूमि में रखा गया है। ज्ञान-विज्ञान के शीर्ष संकेतकों से युक्त डॉ. शर्मा की यह कृति एक ज्ञान मंजूषा भी कही जा सकती है। उन्होंने वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, श्रीमद्भगवद्गीता, बिदुरनीति, चाणक्य नीति और संस्कृत महाकाव्यों से चुनिन्दा श्लोकों की रोचक और ज्ञानवर्धक व्याख्याएं की हैं।


