पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के किसान मेला ग्राउंड में आयोजित नौ दिवसीय स्वदेशी मेले के दूसरे दिन व्यापारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें उद्योग नगरी के प्रमुख व्यापारी, रियल एस्टेट और इंडस्ट्री से जुड़ी कई शख्सियतों ने भाग लिया। सम्मेलन में कश्मीरी लाल, राजन गुप्ता, गुरमीत सिंह कुलार, अजीत लाकड़ा, बदीश जिंदल, दर्शन लाल लड्डू, विपन विनायक, अश्वनी गुप्ता, विनय, सीए शालिनी गुप्ता और विशाल सहित अन्य वक्ताओं ने विदेशी उत्पादों के स्थान पर स्वदेशी उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार को मजबूत करने के लिए देश के उत्पादों और उद्योगों को प्रोत्साहित करना जरूरी है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। वक्ताओं ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव से स्थानीय उद्योग और दुकानदारों को हो रहे नुकसान के प्रति सचेत करते हुए कहा कि स्वदेशी उत्पाद, हस्तशिल्प और हैंडलूम को बढ़ावा देना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मेले के दूसरे दिन लोगों ने 200 से अधिक स्टॉलों पर पहुंचकर खरीदारी की। फूड कोर्ट में देश के विभिन्न राज्यों के व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए परिवारों की भीड़ उमड़ी रही। मेला आयोजन मंडल के सदस्य शालिनी गुप्ता और गुरदीप सिंह गोशा ने कहा कि स्वदेशी मेले में उमड़ी भीड़ से स्पष्ट है कि यदि स्वदेशी उत्पादों को सही मंच मिले तो लोग विदेशी सामान के बजाय भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। स्वदेशी जागरण मंच के सह संयोजक सतीश कुमार ने बताया कि भविष्य में ऐसे स्वदेशी मेले देशभर में आयोजित करने की योजना है। मंच के सह संपर्क प्रमुख मोहित गोयल ने सम्मेलन में आए अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’ के समर्थन से भारतीय बाजार को मजबूती मिलेगी। मेले में लगा स्टॉल।


