प्रभु भक्ति का रंग जन्म-जन्मांतर तक स्थायी रहता है: साध्वी वैष्णवी भारती

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा सेक्टर 32ए बीसीएम स्कूल के सामने आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भक्ति और वैराग्य की अविरल धारा बही। कथा व्यास सर्व आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी वैष्णवी भारती ने प्रहलाद प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि संकट ही भक्त की असली परीक्षा है। जैसे सोना आग में तपकर कुंदन बनता है, वैसे ही विपत्तियां मनुष्य के भीतर की भक्ति को और अधिक दैदीप्यमान करती हैं। कथा के दौरान होलिका दहन और भगवान नृसिंह के प्राकट्य का प्रसंग सुनाया। साध्वी ने कहा कि दुनिया के रंग पानी से धुल जाते हैं, लेकिन प्रभु भक्ति का रंग जन्म-जन्मांतर तक गहरा रहता है। साध्वी ने आज के दौर की सबसे बड़ी समस्या स्क्रीन एडिक्शन पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रहलाद नन्हीं उम्र में भक्ति के आदर्श हैं जबकि आज के बच्चे मोबाइल स्क्रीन में कैद हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादा स्क्रीन टाइम से बच्चों में डोपामिन असंतुलित हो रहा है, जिससे चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और डिप्रेशन बढ़ रहा है। समारोह में मुख्य यजमान साजन अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, सोनम अग्रवाल और दैनिक यजमान रघुबीर सिंह सहित भाजपा पंजाब अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, जोनल कमिश्नर नीरज जैन, ममता जैन आदि ने भाग लिया।

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