ताश के जुए के अड्डे पर पुलिस की रेड, 9 गिरफ्तार,1.10 लाख नकदी की बरामद

भास्कर न्यूज | बठिंडा शहर में जुए और गैरकानूनी लॉटरी का धंधा चोरी-छिपे लगातार जारी है। कोतवाली थाना के इलाके में सीआईए- 2 की पुलिस ने अमरीक सिंह रोड स्थित अग्नि ढाबे के पीछे एक जगह पर चल रहे ताश के जुए के अड्डे पर छापेमारी कर 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह स्थान मुख्य सड़क से हटकर ऐसी जगह पर है, जहां आम लोगों की आवाजाही बेहद कम रहती है। सीआईए स्टाफ-2 के सहायक थानेदार कमलजोत सिंह के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश दी और आरोपियों को रंगे हाथ काबू किया। पुलिस ने मौके से 1 लाख 10 हजार रुपये की नकदी, लॉटरी की पर्चियां और ताश के पत्ते बरामद किए गए। आरोपियों राज कुमार (गांव रुपाना, जिला मुक्तसर साहिब), अजय कुमार (कलकत्ता वाली गली), प्रिंस कुमार (बीबी वाला चौक), देव बहादुर (जनता नगर), अमित (चंदसर बस्ती), गुरप्रीत सिंह, अजीत पाल सिंह (गुरु नानक पुरा), सोनू सिंह (मानसा) और सागर (प्रताप नगर) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ जुआ अधिनियम व धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध जुआ और लॉटरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे धंधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि ये जुए का ऐसा अड्डा जहां हर तीन-चार महीने में पुलिस रेड करती है। कई बार पुलिस पकड़े जाने पर सिर्फ जुआ एक्ट लगाती है जिसमें थाने से जमानत मिल जाती है तो कई बार ठगी की धारा के तहत आरोपियों को जेल भेज दिया जाता है। अग्नि ढाबे की बैकसाइड चलने वाले इस जुए के अड्डे में साल में तीन से चार बार रेड पुलिस करती है। इसके बावजूद यह अड्डा बंद नहीं होता और कुछ दिनों बाद फिर से लोगों को जुए की आड़ में ठगना शुरू कर दिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक यह जुए का अड्डा संगठित तरीके से चलता था और इसका तरीका बाजारों व चौक पर सक्रिय स्ट्राइगर ठगी गिरोहों जैसा बताया जा रहा है। यहां 15-20 लोग आपस में मिले होते हैं, जो बाहर से आए व्यक्ति को सामान्य खिलाड़ी लगते हैं। ये लोग पहले नए व्यक्ति को जानबूझकर छोटी रकम जितवाते हैं, जिससे उसमें जीत का भरोसा और लालच पैदा हो जाता है। इसके बाद उसे बड़ी रकम लगाने के लिए उकसाया जाता है और फिर सुनियोजित तरीके से हराया जाता है। इस तरह जुआ खेलने आए व्यक्ति को धीरे-धीरे उसकी जमा पूंजी से खाली कर दिया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे अड्डों में फंसकर कई लोग आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुके हैं।

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