राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को बयाना के पिदावली गांव में सर्व हिन्दू समाज के तत्वावधान में एक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के सदस्यों, ग्रामीण महिला-पुरुषों और स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संत महंत परशुराम दास महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग शारीरिक प्रमुख कृपाल सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। इस दौरान बालक-बालिकाओं ने धार्मिक और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। सम्मेलन में वीर माताओं और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, गौ सेवा और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय संस्थाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता कृपाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक समरसता ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन, स्वत्व के भाव, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों पर जोर दिया। कृपाल सिंह ने कहा कि एक संगठित समाज ही सशक्त भारत की नींव रखता है। उन्होंने युवाओं से महापुरुषों के जीवन आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। संत परशुराम दास महाराज ने हिंदू एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने समाज को संस्कारों से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सांस्कृतिक चेतना और धर्म आधारित जीवन मूल्यों से ही राष्ट्र सुदृढ़ होता है। सम्मेलन में वीरू, अभिषेक, धर्मेंद्र, खेमराज, सज्जन सिंह, लक्ष्मण सिंह, जसवंत सिंह, विकेश, नरेश, सोनू सहित कई गणमान्य नागरिक और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।


