जिले के कलड़वास स्थित वैसा मगरी क्षेत्र में एक ही परिवार के सदस्यों की रहस्यमय बीमारी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। परिवार के मुखिया सोहनलाल डांगी (61) का उपचार के दौरान निधन हो चुका है, जबकि उनके दोनों बेटे आईसीयू में भर्ती होकर जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी और खाद्य तेल के नमूनों की जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद भी बीमारी के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मृतक के बड़े भाई पृथ्वीराज पटेल के अनुसार, नवंबर 2025 में पहली बार तीनों एक साथ बीमार पड़े थे। तब से अब तक समुचित उपचार नहीं मिल पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं हो रहा है, तो मामले को विषाक्तता (एमएलसी) में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, चिकित्सा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से विशेषज्ञ चिकित्सा दल बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि मामले के फोरेंसिक पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। निदेशालय को विशेषज्ञ दल भेजने के लिए पत्र लिखा गया है। परिवार में कुल छह सदस्य हैं, जिनमें से पांच में समान लक्षण पाए गए हैं और एक सदस्य की मृत्यु हो चुकी है। अहमदाबाद तक बीमारी की कराई जांच, अधिकांश रिपोर्ट सामान्य परिवार के सदस्यों की उदयपुर से लेकर अहमदाबाद के बड़े अस्पतालों में ब्लड टेस्ट, कैंसर, किडनी और हृदय संबंधी सहित दर्जनों जांचें कराई गईं, लेकिन अधिकांश रिपोर्ट सामान्य आई हैं। हालांकि, शरीर में आरबीसी (रेड ब्लड सेल्स) की गंभीर कमी पाई गई है, जिसके चलते बार-बार रक्त चढ़ाना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक फूलसिंह मीणा ने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सीएमएचओ टीम ने परिवार के घर से पेयजल, सरसों के तेल और भोजन के नमूने लिए। प्रारंभिक जांच में ये सभी नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. विक्रम सिंह पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। बीमारी से लेकर उपचार तक घटनाक्रम } नवंबर 2025 : पहली बार तीनों बीमार पड़े, आयुर्वेदिक उपचार लिया। } जनवरी 2026 : सोहनलाल को अहमदाबाद ले जाया गया, रिपोर्ट सामान्य आई। } 28 जनवरी : दोनों बेटों को उदयपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। } 4 फरवरी : सोहनलाल की स्थिति बिगड़ी, पुनः अहमदाबाद ले जाया गया, जहां मल्टी ऑर्गन फेल्योर बताया गया। } 18 फरवरी : उपचार के दौरान सोहनलाल डांगी का निधन। } वर्तमान स्थिति : दोनों बेटे (लीलाशंकर व प्रकाश) आईसीयू में भर्ती हैं। मां की तबीयत भी नासाज बताई जा रही है। मरीजों में प्रमुख लक्षण } चेहरे का रंग काला पड़ना। } हाथ-पैरों में अत्यधिक सूजन। } लगातार दस्त और सांस लेने में तकलीफ। राज्य स्तरीय प्रयोगशाला जयपुर की रिपोर्ट के अनुसार, घर और ट्यूबवेल से लिए गए पानी के नमूनों में आर्सेनिक, लेड (सीसा) और क्रोमियम जैसे हानिकारक तत्वों की जांच की गई, जो मानकों के अनुरूप पाए गए। घर की टंकी, पास के ट्यूबवेल और पोल्ट्री फार्म के निकट स्थित पानी के टैंक तीनों स्थानों से लिए गए नमूने सुरक्षित पाए गए हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला, उदयपुर के खाद्य विश्लेषक डॉ. रवि सेठी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, परिवार द्वारा उपयोग में लिए जा रहे सरसों तेल के तीन नमूनों (खुला तेल, ट्रैक्टर ब्रांड और हंस ब्रांड) की जांच की गई। इनमें अर्जीमोन, मिनरल ऑयल और कृत्रिम रंग की उपस्थिति नहीं पाई गई। एसिड वैल्यू और आयोडीन वैल्यू भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के निर्धारित मानकों के भीतर मिली।


