सोमवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के डायरेक्टर श्रीराम तरणीकांति इंदौर पहुंचे। इंदौर के स्वच्छता मॉडल को देखने के बाद उन्होंने कहा कि, अब न केवल इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था का अध्ययन किया जाएगा, बल्कि यह भी सिखाया जाएगा कि इंदौर स्वच्छता में नंबर वन कैसे बना। इस विषय पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में IAS अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने सोमवार को कस्टम कॉलोनी में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन प्रणाली, रेसीडेंसी इलाके में ट्रैफिक पार्क स्थित कम्पोस्टिंग सिस्टम, राजशाही स्थित जीटीएस, आईसीसीसी सेंटर, देवगुराडिया स्थित बायोगैस प्लांट सहित अन्य स्वच्छता परियोजनाओं का निरीक्षण किया। श्रीराम तरणीकांति ने सिटी बस ऑफिस में स्थित आईसीसीसी सेंटर का अवलोकन किया, जहां निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने बताया कि, इंदौर न केवल स्वच्छता बल्कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में भी लगातार बेहतर कार्य कर रहा है। स्मार्ट सिटी ऑफिस में आयोजित प्रेजेंटेशन के दौरान अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने इंदौर के स्वच्छता मॉडल पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले शहर में जगह-जगह कचरा पेटियां हुआ करती थीं, लेकिन स्वच्छता अभियान के तहत इंदौर को कचरा पेटी मुक्त बनाने की दिशा में काम किया गया। शहर के चिन्हित वार्डों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन गाड़ियां चलाई गईं, जिनकी जीपीएस सिस्टम के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाती है। ये सभी गाड़ियां अपने निर्धारित रूट और समय के अनुसार कार्य कर रही हैं। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि, शहर को ओडीएफ मुक्त करने के लिए पहले गीले और सूखे कचरे का संग्रहण किया जाता था। अब हर दिन 6 बिन की तर्ज पर 6 प्रकार का कचरा संग्रहित किया जाता है। इसके साथ ही, थैला बैंक, बर्तन बैंक, डिस्पोजल-फ्री क्षेत्र, जीरो वेस्ट इवेंट, जीरो वेस्ट शादी, नाला सफाई अभियान, नाला क्रिकेट, नाला मेडिकल चेकअप, नाला फुटबॉल और नाला दंगल जैसी अनूठी पहल के बारे में भी जानकारी दी गई। इस निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


